अजमेर.
प्रदेश में राज्य सरकार बदलते जिला परिषद की साधारण में भी फिजां बदलती नजर आई। साधारण सभा में भाजपा-कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य ही आमने सामने हो गए। एक अधिकारी ने पांच माह से बजट स्वीकृति की बात कहते ही भाजपाई सदस्य ने प्रदेश के कांग्रेस सरकार पर ठीकरा फोड़ दिया। उधर, कांग्रेसी सदस्यों ने कहा कि इसमें सरकार की बात नहीं, जो काम स्वीकृत हो गए तो बजट तो पहले ही आ गया।
साधारण सभा में सडक़ों के मु²े पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि बजट का अभाव है, पांच महीनों से बजट नहीं मिला है तो भाजपाई प्रधान व सदस्य शेरसिह, माणक रावत, पीसांगन प्रधान अशोक सिंह ने मांग उठाने वाले कांग्रेस सदस्यों से मुखातिब होते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने बजट नहीं दिया है।
बजट का टोटा
कांग्रेस सरकार आते ही बजट का टोटा आ गया है। इससे कांग्रेस पार्टी के जिला परिषद सदस्य गिरधारी व हनुमान वैष्णव ने कहा कि अग्रिम बैठे सदस्य ही बार-बार सवाल उठाते हैं, पीछे वालों को बोलने नहीं देते हैं? उनके सवालों के जवाब मिलने से पूर्व ही बालते हैं। इसी दौरान करीब पांच मिनट बिजली बंद हो गई तो भाजपाई सदस्य बोले कि सभी जिले के अधिकारी, जनप्रतिनिधि बैठे हैं कांग्रेस राज में लाइट ही नहीं है तो कांग्रेसी सदस्यों ने कहा कि बार-बार राज्य सरकार पर क्यों सवाल उठा रहे हैं? बाद में जिला प्रमुख वंदना नोगिया की ओर से हस्तक्षेप करते हुए सदस्यों से शांत रहने की अपील करनी पड़ी।
एडीए सचिव व प्रधान में तीखी नोंकझोंक
तिलोरा में श्मशान भूमि के लिए पीसांगन प्रधान अशोक सिंह रावत ने एडीए सचिव हेमन्त माथुर से मुखातिब होकर एडीए की कार्यवाही चाही। इस पर माथुर ने कहा कि बोर्ड का निर्णय था, बोर्ड ही तय करेगा। इस पर प्रधान रावत भडक़ गए, उन्होंने सदन में मांग उठाई कि वे सक्षम अधिकारी होने के बावजूद संतुष्टि पूर्वक जवाब नहीं दे रहे हैं तो अन्य सक्षम अधिकारी को बुलवाओ।
बीच बचाव करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर अबू सूफियान, सीईईओ ज्योति ककवानी ने प्रधान व सदस्य माणक को शांत किया। वहीं माथुर से वस्तुस्थिति चाही जिस पर माथुर ने सदन के माध्यम से प्रस्ताव की बात कही, और एडीए बोर्ड बैठक में ही निर्णय को कहा।





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