बीकानेर . 'जमुना तट श्याम खेले होरी...आज ब्रज में होरी रे रसिया...Ó आम लोगों के साथ ही अब ठाकुरजी पर होली का रंग चढऩे लगा है। बसंत पंचमी से एक चुटकी गुलाल से शुरू ठाकुरजी की होली अब बड़ी मात्रा में गुलाल तक पहुंच गई है। सुबह के समय वैष्णव मंदिरों में होली की (शास्त्रीय धमाल) रसिया गीतों से ठाकुरजी को रिझाया जा रहा है। ठाकुरजी को सारंग राग में निबद्ध धमाल पद 'नंद मेहर को कुंवर कन्हैया होरी खेलन जाए हो...रसिक शिरोमणि खेले होरी नंदराय की पौरी हो...Ó सरीखे पद अब सुबह व शाम के समय ठाकुरजी को सुना रहे हैं। हवेली गायक नारायण रंगा बताते हैं कि होलाष्टक के साथ ही वैष्णव मंदिरों में शास्त्रीय पदों में चुहलबाजी शुरू हो जाएगी। दाऊजी मंदिर में शनिवार को पटोत्सव मनाया जाएगा।
यहां मच रही है धूम
शहर के वैष्णव (पुष्टिमार्गी) मंदिरों में सुबह के समय ठाकुरजी के पहनावे व प्रतिमाओं के पीछे पिछवाई(पर्दे) का रंग भी बदल गया है। शहर में राजरतन बिहारी (पुष्टिमार्गी) मंदिर में सुबह व शाम के समय होरी पद गाए जा रहे हैं। इसके साथ ही गिरीराज मंदिर, मदन मोहनजी, बि_लनाथ, दाऊजी, द्वारिकाधीश सहित मंदिरों में इन दिनों में होरी धमाल के शास्त्रीय पदों की धूम है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाश्रद्धालु भागीदारी निभा रही है। होलाष्टक से ठाकुरजी को प्याला भर गुलाल लगाई जाएगी। साथ ही फागोत्सव की धूम भी रहेगी।
यहां भी होंगे आयोजन
पुष्टिमार्गी मंदिरों साथ ही शहर के अन्य मंदिरों में भी होलाष्टक से फागोत्सव की धूम रहेगी। डागा चौक स्थित नृसिंह मंदिर में होलाष्टक से होली तक रोजाना फागोत्सव मनाया जाएगा। वहीं लक्ष्मीनाथ मंदिर, मां आशापुरा मंदिर, नागणेचेजी, भैरुंजी सहित कई मंदिरों में फागोत्सव की धूम रहेगी। इस दौरान विशेष पूजन-अनुष्ठान भी होंगे।





No comments:
Post a Comment