चूरू.
चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक पार्टियां किसानों की ऋण माफी कर अपना काम तो साध लिया। लेकिन दी चूरू सैंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (सीसीसीबी) लिमिटेड आज भी ऋण माफी की राशि का इतंजार कर रही हैं। चूरू सीसी बैंक के करोड़ों रुपए बाकी पड़े हैं। इससे बैंक का वित्तीय हिसाब-किताब गड़बड़ा रहा है। पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल चौधरी, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे व सीएम अशोक गहलोत के कार्यकाल में की गई कर्ज माफी के पूरे रुपए अभी तक बैंक को नहीं मिले। 2008 में कांग्रेस की केन्द्र सरकार के समय की गई ऋण माफी की पूरी राशि बैंक को प्राप्त हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक दिवंगत पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल चौधरी के कार्यकाल में (1989 से 1991) में किसानों की ऋण माफी की गई थी। लेकिन उस दौरान चूरू सीसीबी को 77 लाख 86 हजार रुपए नहीं मिले। अब तक ब्याज सहित कुल राशि चार करोड़ के करीब पहुंंच गई है। यह राशि हर साल बढ़ती जा रही है। कई सालों से राशि बकाया है लेकिन यहां के बैंक प्रबंध निदेशकों ने इसे लाने का प्रयास नहीं किया।
इसी प्रकार गत भाजपा की वसुंधरा सरकार में लघु एवं सीमांत किसानों के 50 हजार रुपए तक फसली ऋण माफ किए गए थे। इसके तहत जिले में 88 हजार 828 किसानों के 153 करोड़ रुपए माफ किए गए थे। लेकिन भाजपा सरकार ने बैंक को सिर्फ 53 करोड़ रुपए दिए। 100 करोड़ रुपए अभी तक बाकी हैं। जिसका बैंक के वित्तीय साख पर असर पड़ रहा है। अब भाजपा सरकार की बकाया ऋण माफी की राशि गहलोत सरकार देगी या नहीं यह तो समय बताएगा।
कांग्रेस सरकार ने अभी तक एक रुपए भी नहीं दिया
वहीं कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने के लिए किसानों के ऋम माफ करने की घोषणा की थी। पार्टी सत्ता में आ गई और ऋण माफी की घोषणा भी कर दी। इस घोषणा के तहत जिले में 79 हजार किसानों के ऋण माफ किए जाएंगे। करीब 231 करोड़ रुपए माफ होने हैं। अब तक कई करोड़ रुपए के ऋण माफ कर दिए गए। लेकिन कांग्रेस सरकार ने अब तक बैंक को ऋण माफी के एक रुपए भी नहीं दिए। बताया जा रहा है कि जून तक ब्याज सहित रुपए मिलेंगे।
बैंकों की ऋण वसूली होगी प्रभावित
वहीं बैंक के जानकारों का कहना है कि ऋण माफी की योजना से बैंकों की ऋण वसूली प्रभावित होगी। चूंकि कई बार पार्टियां ऋण माफी की घोषणा कर किसानों को लाभान्वित कर चुकी हैं। ऐसे में किसान फसली व अन्य कृषि ऋण लेने के बाद यह सोचकर अदा नहीं करेंगे की सरकार तो माफ कर देगी। पांच साल में सरकार बदलनी है और पांच साल में
''अमूमन ऋण माफी के रुपए मिल जाते हैं। लेकिन समय से नहीं मिलने पर बैंक के वित्तीय लेन-देन पर कुछ असर पड़ता है। पूर्व उप पीएम देवी लाल चौधरी के समय की कुछ ऋण माफी की राशि बकाया है। वह किस कारण से बाकी है उसकी जांच करवाकर लाने का प्रयास करेंगे।''
शेरसिंह, प्रबंध निदेशक, सीसीसीबी, चूरू





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