अरविन्द सिंह शक्तावत / जयपुर. भाजपा ने प्रदेश की 25 में से 19 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। शेष 6 सीटों को लेकर पार्टी अभी भी उलझन में है। भाजपा इन सीटों पर गुटबाजी और प्रत्याशी को लेकर विवाद में उलझी हुई है।
अब तक दोनों दल 25 में से कुल 19 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। इनमें से 14 सीटों पर दोनों के प्रत्याशी आमने-सामने आ चुके हैं। राजसमंद सीट पर प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों उलझे हुए हैं। राज्य की यह एक मात्र सीट है, जहां अब तक दोनों में से किसी भी दल ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। भाजपा ने अब तक घोषित 19 प्रत्याशियों में से 15 सांसदों को फिर मैदान में उतारा है। हालांकि इसमें एक भी महिला प्रत्याशी को जगह नहीं मिली है।
इन सीटों पर उलझन
दौसा : राज्यसभा सदस्य किरोड़ीलाल मीणा और निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला की राजनीतिक दुश्मनी के चलते भाजपा को यहां प्रत्याशी चयन में दिक्कत आ रही है। दोनों ही खेमे खुद के टिकट की दावेदारी जता रहे थे। ऐसे में पार्टी अब तीसरे के चयन की तलाश में जुट गई है।
नागौर : केन्द्रीय मंत्री सी.आर. चौधरी का लोकसभा के ज्यादातर जनप्रतिनिधि विरोध कर रहे हैं। इस चक्कर में नागौर से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो सकी है। चौधरी एक मात्र केन्द्रीय मंत्री है, जिनका टिकट अब तक घोषित नहीं किया गया है। शेष चार मंत्रियों को पार्टी फिर मौका दे चुकी है।
राजसमंद : वर्तमान सांसद हरिओम सिंह राठौड सेहत का हवाला देकर चुनाव लडऩे से मना कर चुके हैं। ऐसे में पार्टी नए एवं मजबूत प्रत्याशी की तलाश में जुटी है। इस सीट से फिलहाल दीया कुमारी और भंवर सिंह पलाड़ा का नाम पैनल में है। दोनों ही बाहरी हैं, ऐसे में वहां वहां स्थानीय को टिकट देने की मांग जोर पकड़ रही है।
भरतपुर : वर्तमान सांसद को पार्टी टिकट देने पर एक राय नहीं बना सकी है। तीन जातियों के समीकरण ने इस सीट को उलझा रखा है। पार्टी ऐसे नाम की तलाश कर रही है, जिसे चुनाव जितवाया जा सके। यहां विधानसभा चुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था।
करौली-धोलपुर : सांसद मनोज राजोरिया को लेकर पार्टी अभी तक यह तय नहीं कर पा रही है कि उनको ही टिकट दिया जाए या किसी नए प्रत्याशी पर दांव लगाएं। पार्टी ने दो अन्य नामों पर विचार तो किया, लेकिन सर्वे में मजबूत नाम नहीं आने से पार्टी अब एक बार फिर नए सिरे से राजोरिया के नाम पर विचार कर रही है।
बाड़मेर : पिछले लोकसभा चुनाव में भी प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी इस सीट पर प्रतिदिन नए समीकरण सामने आ रहे हैं। पहले पार्टी ने यह तय किया था कि यहां से वर्तमान सांसद कर्नल सोनाराम की जगह किसी अन्य को टिकट दिया जाए, लेकिन पिछले दो दिनों से उनका नाम फिर दावेदारों में उभर आया। यहां से पूर्व विधायक कैलाश चौधरी, सेवानिवृत आईपीएस महेन्द्र चौधरी, एन.आर. चौधरी भी दौड़ में हैं। पार्टी यहां कांग्रेस प्रत्याशी मानवेन्द्र सिंह की काट ढूंढने में लगी है।





No comments:
Post a Comment