भीलवाड़ा ।
आयकर रिटर्न भरने में कोई गलती हुई है, तो अभी भी उसे सुधारने के लिए रविवार अन्तिम दिन है। रविवार रात १२ बजे के बाद किसी बदलाव की गुंजाइश नहीं रहेगी।
कर सलाहकार प्रकाश गंगवाल ने बताया कि वे करदाता जिनकी कुल आय 2.5 लाख से कम है, उन्हें 31 मार्च 2019 तक रिटर्न दाखिल करने पर किसी भी प्रकार की लेट फीस नहीं लगेगी। जिनकी कुल आय 2.5 लाख से अधिक है, उनको लेट फीस देनी होगी। 31 मार्च बाद वित्तीय वर्ष 2017-18 की आयकर रिटर्न विभाग की वेबसाइट में नहीं भरी जा सकती है। यह पोर्टल 31 मार्च रात 12 बजे बंद हो जाएगा। गंगवाल ने बताया कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को आयकर में शामिल कर छह बड़े बदलाव किए गए हैं। नए नियमों की जानकारी होगी, तो आयकर बचाना आसान होगा। नियमों की अनदेखी का हर्जाना भी नहीं देना पड़ सकता है।
ये किए फेरबदल
- वरिष्ठ नागरिकों को आयकर कानून की धारा 80 टीटीबी के तहत ब्याज से होने वाली 50 हजार रुपए तक की आय पर टीडीएस नहीं देना होगा। बैंक ने यह राशि काट ली तो रिटर्न फाइल कर वापस प्राप्त किया जा सकता है।
- नेशनल पेंशन सिस्टम में अहम् बदलाव किए गए हैं। एनपीएस विड्रॉल को टैक्सफ्री कर दिया गया है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि बची हुई 40 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल पेंशन लेने के लिए किया जाए।
- आयकर रिटर्न देरी पर जुर्माना होगा। नए साल में टैक्स रिटर्न फाइल करने में देरी करने पर एक हजार से दस हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है।
- सरकार ने इस साल एक बार स्टैंडर्ड डिडक्शन की पेशकश की। अब टैक्स रिटर्न भरते समय 40 हजार रुपए तक स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ ले सकते हैं। मेडिकल खर्च और ट्रांसपोर्ट अलाउंस हटा दिया गया है।
- आयकर पर सेस में इस साल एक प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पहले तीन प्रतिशत सेस लगता था। इस साल बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है। सेस में हुई बढ़ोतरी से मिली राशि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए खर्च की जाएगी।





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