बालघाट. ग्राम पंचायत धौलेटा के अटल सेवा केन्द्र पर रविवार को ग्रामीणों ने विकास अधिकारी, सचिव सरपंच के खिलाफ प्रदर्शन कर मस्टररोल में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। ग्रामीण समयसिंह, शिवराम, राकेश, लक्ष्मीनारायण, कैलाश बबलेश ने बताया कि १ जनवरी २०१८ से ४ अक्टूबर २०१८ तक फर्जी मस्टररोल जारी की है। अधिकारियों ने अपने ही लोगों को कार्य पर लगाया है। यह कार्य केवल कागजों में ही दिखाया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब जैसे ही मस्टरोल का पैसा श्रमिकों के खाते में आया तो ग्राम विकास अधिकारी द्वारा आधे रुपए मांगे जा रहे हैं। फर्जी मस्टररोल में धौलेटा से आंधियाखेड़ा तक जाने वाले ग्रेवल सड़क मार्ग व अन्य जल स्वावलम्बन तलाई के कार्य शामिल है। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को पत्र भेज जांच कराने की मांग की है।पत्र में बताया कि सरपंच-सचिव की मिलीभगत से अपने लोगों के नाम से मस्टररोल भी जा रही है। मनरेगा में मिलने वाली राशि का संबंधित श्रमिक से आधा पैसा वसूला जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि गरीबों को लाभ देने के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही मनरेगा योजना भारत सरकार की महत्वकांक्षी व फ्लैगशिप योजना है जिसका सरपंच-सचिव की मिलीभगत से पंचायत में दुरुपयोग हो रहा है। गरीब परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पानी के लिए लगाते घर की दौड़
-स्कूल में पेयजल समस्या
सपोटरा. ग्राम पंचायत चौड़ागांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रानेटा में पेयजल की समस्या से विद्यार्थी परेशान हैं। छात्र-छात्राओं को पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को पानी के लिए घर जाना पड़ता है।
पानी के लिए शिक्षक भी भटकते रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल परिसर में लगा हैण्डपम्प एवं रानेटा घाटी पर लगा हैण्डपम्प काफी समय से खराब है। दोनों हैण्डपम्पों को ठीक कराने के लिए जलदाय विभाग अधिकारियों एवं सरपंच को कई बार अवगत करा दिया, लेकिन इनको ठीक नहीं कराया जा रहा है। बच्चे जब बार-बार घर पानी पीने जाते हैं, तो उनको हादसे का अंदेशा रहता है, क्योंकि उनको सड़क मार्ग पार करना पड़ता है। इस मार्ग पर काफी वाहनों का आवागमन रहता है। तेज गति से दौड़ते वाहनों की चपेट में आकर कभी भी विद्यार्थी हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्कूल प्रशासन ने पेयजल समस्या दूर करने की मांग की है।





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