जयभगवान उपाध्याय
बीकानेर. 'ये सोचना गलत है कि तुम पर नजर नहीं, मसरूफ हम बहुत हैं मगर बेखबर नहीं।Ó किसी शायर की लिखी इन पंक्तियों पर आयकर विभाग इन दिनों काम कर रहा है। आयकर विभाग के अधिकारी गोपनीय तरीकों से खर्चीली शादियां करने वालों की रेकी कर रहे हैं। वे शादी समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवा रहे हैं। शादी के कई साल बाद एेसी महंगी शादी करने वाले परिवारों को आयकर विभाग नोटिस भेज रहा है। विभाग की नजर लग्जरी कारें, बंगले-जमीनों की खरीद-फरोख्त करने वालों पर भी है।खास बात यह है कि शादी के सालों बाद नोटिस पहुंचने पर जब परिवार आयकर विभाग के सामने शादी में किए खर्च से ना-नुकर करते हैं तो विभाग उन्हें शादी के वीडियो और फोटा दिखाकर असलियत सामने रख रहा है। यह फोटो-वीडियो विभाग ने शादी के समय स्वयं के कराए अथवा शादी के लिए बुलाए प्रोफेशनल फोटो-वीडियोग्राफर से लिए हुए हैं।
विभाग के अधिकारियों ने वर्ष २०११-१२ से अब तक एडवांस टैक्स को नजर अंदाज करने वाले हजारों लोगों के घर नोटिस भेजे हैं। एडवांस टैक्स की अंतिम तिथि निकलने के बाद एेसे व्यवहारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महंगी शादियों की रेकी आयकर विभाग के अधिकारी विवाह भवन संचालकों, वीडियो कैसेट, फोटोग्राफी यहां तक की पंडितों की मदद से शादियों में करोड़ों रुपए खर्च करने वालों का ब्योरा जुटा रहे हैं। आयकर अधिकारियों ने बताया कि शादी-समारोह में करोड़ों रुपए खर्च करना विभाग की दृष्टि में गलत नहीं है, लेकिन उस हिसाब से संबंधित व्यवहारी का एडवांस टैक्स भी आना चाहिए। लोग शादी-समारोह में करोड़ों रुपए खर्च करते हैं, लेकिन एडवांस टैक्स भरने के समय वास्तविक आय और खर्चों को छिपा लेते हैं।
खरीद में फर्जीवाड़ा
सूत्रों ने बताया कि शादी-समारोह में करोड़ों रुपए खर्च करने वालों के साथ जमीनों की खरीद-फरोख्त में काला धन लगाने वालों के भी खुलासे हुए हैं। आयकर विभाग की नजरों में धूल झोंकने के लिए लोग डीएलसी दर से कम दर में जमीनों की खरीद-फरोख्त दर्शा रहे हैं। इसकी जानकारी लगने पर आयकर विभाग के अधिकारी संबंधित व्यक्ति के कारोबार की रेकी शुरू कर देते हैं।
अनदेखा अपराध
टैक्स की अनदेखी करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। व्यवहारियों को वास्तविक आय के हिसाब से टैक्स देना चाहिए। कर अपवंचना करने वालों की सूचनाएं विभिन्न स्रोत से मिल रही है। एेसा सोचना कि हमें कोई देखने वाला नहीं है, गलत है।
संजीव के शर्मा, संयुक्त निदेशक, आयकर विभाग बीकानेर





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