अजमेर.
युवाओं को प्रेरित करने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेज में महापुरुषों और प्रेरणादायी व्यक्तियों की प्रतिमा लगाने काम पूरा नहीं हो पाया है। कुछेक को छोडक़र अधिकांश कॉलेज में आदेश कागजों में कैद है।
विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन और सन्मार्ग की प्रेरणा देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेज में महापुरुषों और प्रेरणादायी व्यक्तित्व की प्रतिमाएं लगाने को कहा था। लिए इसके लिए कॉलेज को जिला कलक्टर और प्रशासन की मंजूरी लेनी जरूरी की गई। कॉलेज शिक्षा के संयुक्त निदेशक ने इसके लिए प्राचार्यों ने पत्र भी भेजा।
नहीं हो सकी पालना
उच्च शिक्षा विभाग ने साफ कहा था, कि जिन कॉलेज में महापुरुषों की प्रतिमा नहीं है वे जनसहयोग से स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा लगा सकेंगे। नियमानुसार कॉलेज को जिला कलक्टर की टिप्पणी और मंजूरी लेनी होगी। इसके बावजूद कुछेक को छोडक़र अधिकांश कॉलेज में इसकी पालना नहीं हुई है।
जीसीए में महाराणा प्रताप की प्रतिमा
एसपीसी-जीसीए में सभागार के समक्ष महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगी हुई है। 90 के दशक में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री ललित किशोर चतुर्वेदी के आग्रह पर यह प्रतिमा लगाई गई थी। लॉ कॉलेज, संस्कृत कॉलेज (नए परिसर) राजकीय कन्या महाविद्यालय (केवल मां सरस्वती की मूर्ति) में कोई महापुरुष की प्रतिमा नहीं है।





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