जैसलमेर. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआई की सीमांत जैसलमेर जिले में कारगुजारियों का काला चि_ा एक बार फिर खुल सकता है। दो दिन पहले सम क्षेत्र के गांगा की बस्ती निवासी नवाब खां को सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पकड़े जाने के बाद अब सबकी निगाहें जयपुर में नवाब खां से होने वाली संयुक्त पूछताछ पर है। नवाब खां पर आइएसआई के लिए काम करने का पुख्ता संदेह होने के बाद ही जयपुर स्थित एजेंसियों ने उसे जैसलमेर आकर दबोचा और अपने साथ जयपुर ले गई। इससे पहले सीमा पर व्याप्त तनावपूर्ण हालात के बीच जैसलमेर जिले से विभिन्न एजेंसियों ने करीब दस जनों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पकड़ा।
फिल्मी अंदाज में पकड़ा संदिग्ध
जानकारी के अनुसार गांगा की बस्ती निवासी नवाब खां सम सेंडड्यून्स पर सैलानियों को जीप सफारी करवाने का काम करता है। जयपुर से आए एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सम पहुंचकर पर्यटक बनकर उसके साथ सफारी की। बाद में नवाब खां से कहा कि, वह उन्हें जीप में ही जैसलमेर छोड़ दे। जैसलमेर आने के बाद उन्होंने नवाब से कहा कि वे अपना मोबाइल सम में भूल आए हैं। वह मोबाइल मंगवा दे। गौरतलब है कि उन्होंने जानबूझकर सम में मोबाइल रख छोड़ा था।नवाब ने अपने किसी परिचित के माध्यम से मोबाइल जैसलमेर मंगवाया। तब एजेंसियों के लोगों ने नवाब के उक्त परिचित को लाई गई जीप ले जाने के लिए कहा और नवाब को अपने साथ लेकर जयपुर रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार एजेंसियों ने जैसलमेर से गत शनिवार को उठाया।
कई खुलासे हो सकते हैं
जयपुर में नवाब खां से कड़ी पूछताछ में एजेंसियों को कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। एजेंसियां मानकर चल रही हैं कि नवाब खां के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआई से रिश्ते हैं और वह उनके लिए जासूसी कर रहा था। बताया जाता है कि नवाब खां पर संदेह होने के बाद पिछले कई महीनों से निगाह रखी जा रही थी। पूर्व में भी जैसलमेर जिले में आइएसआई के कई एजेंटों को समय-समय पर एजेंसियां पकड़चुकी हैं। उनसे पूछताछ के बाद कईअहम कडिय़ों को खुलासा भी हुआ है। एक बार फिर नवाब के रूप में सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है।





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