चित्तौडग़ढ़. पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के ४० जवानों की शहादत के बाद देश में शायद ही कोई हिस्सा हो जहां लोगों ने इन शहीदों को श्रद्धांजलि नहीं दी हो। शहीदों की शहादत व्यर्र्थ न जाए और फिर कोई हमला हमारे जवानों पर नहीं हो पाए इसके लिए हर तरफ आतंकियों व उनके सरपरस्त माने जाने वाले पाकिस्तान से बदले की मांग उठ रही है। चित्तौडग़ढ़ शहर से करीब दस किलोमीटर दूर चित्तौड़ीखेड़ा गांव के लोगों में भी देशभक्ति का जज्बा छाया हुआ है और वे पाकिस्तान से बदले की मांग कर रहे है। गांव के कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी भेजा है। इसमें पाकिस्तान से शहीदों की शहादत का बदला लेने की मांग की गई है। पत्रिका टीम शनिवार दोपहर गांव में गई तो वहां भगवान चारभुजनाथ के मंदिर में बैठे लोगों ने स्वयं को सीमा पर जाने के लिए तैयार बताया है। लोगों ने कहा कि वे चाहे सेना में भले नहीं रहे हो लेकिन उनसे जैसा भी हो सकेगा वे राष्ट्रसेवा के लिए करने को तत्पर है। इन लोगों की सारकार से बस एक ही मांग है कि चाहे जो हो जाए लेकिन शहीदों का सपना पूरा करने के लिए आतंक की जड़ पाकिस्तान को नहीं छोड़ा जाए। बदले की मांग करने वालों में किसान व युवा के साथ करीब ८० वर्ष के जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत मुख्य अभियन्ता डॉ. भगवतसिंह तंवर भी है। डॉ. तंवर के पिता स्वाधीनता पूर्व महाराणा भूपाल इन्फ्रेन्ट्री में सूबेदार रहे थे। डॉ. तंवर ने ही लोगों को बताया कि पुलवामा में शहीद हर जवान के परिजनों की बस एक ही मांग है कि पाकिस्तान से बदला लिया जाए। उनकी प्रेरणा के बाद करीब एक हजार की आबादी वाले इस गांव का हर कोर्ई व्यक्ति अब स्वयं को शहीदों के परिजनों की मांग से जोड़ चुका है। गांव की चौपाल पर सुबह-शाम यहीं चर्चा होती है कि हमे किस रूप से सेना के साथ सेवा के लिए जुडऩा है।
.................
किसान हो या युवा भावना एक जैसी
मंदिर पर पुलवामा हमले के बारे में चर्चा करने वालों में सेवानिवृत कर्मचारी से लेकर किसान व युवा भी थे। डॉ. तंवर के अलावा गांव के प्रभुलाल कुमावत, मोहन धाकड़, उदयराम धाकड़, भैरूलाल कुमावत, लालूराम कुमावत, कालू धाकड़, नानूराम धाकड़, किशन कुमावत, बालू बैरवा, किशन धाकड़ आदि लोग वहां मौजूद थे।
......
पुलवामा हमले के बाद पूरे गांव में लोग आक्रोश में है। सबकी भावना को देखते हुए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया है। इसमें शहादत बेकार न जाए इस लिए पाकिस्तान से बदला लेने की मांग है। लोग जरूरत हो तो सीमा पर जाकर सेना के साथ देशरक्षा के लिए काम करने को भी तैयार है।
डॉ. भगवतसिंह तंवर, पूर्व मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग
सरकार पाकिस्तान को मुहतोड़ जवाब दे ताकि वे कभी ऐसी नीच हरकत नहीं कर सके। पाकिस्तान को सबक सीखाने पर ही हर भारतीय को लगेगा कि शहादत का बदला लिया गया है।
प्रभुलाल कुमावत, चित्तौड़ीखेड़ा





No comments:
Post a Comment