अजमेर.
राजस्थान हाईकोर्ट ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अब वेंटीलेटर पर पहुंच गया है। यहां कुलपति के बिना हालत नाजुक हो गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने कुलपति के कामकाज पर 27 मार्च तक जारी रखने के आदेश दिए हैं। इसके चलते हालात और खराब होने के आसार हैं।
लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ ने बीती 11 अक्टूबर को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह को नोटिस जारी कर 26 अक्टूबर तक कामकाज पर रोक लगाई थी। इसके बाद न्यायालय ने रोक 1,16, 28 नवंबर, 3 दिसंबर और 11 और 29 जनवरी, 21, 25 एवं 27 फरवरी तथा 6 मार्च तक बढ़ा दी थी। हाल में इस मामले की सुनवाई हुई।
लाएं तथ्यपरक रिपोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता लक्ष्मीनारायण बैरवा और उनके वकील मौजूद रहे। उन्होंने विधानसभा में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के एक्ट, विधानसभा में (संशोधन) विधेयक-2017 के बारे में बताया। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें तथ्यात्मक रिपोर्ट लाने को कहा। साथ ही कुलपति के कामकाज पर रोक 27 मार्च तक बढ़ाने के आदेश दिए।
वेंटीलेटर पर यूनिवर्सिटी
विश्वविद्यालय चार महीने से बगैर कुलपति के संचालित है। अब इसकी हालात वेंटीलेटर पर पहुंच चुकी है। कुलपति के अभाव में सारे कामकाज ठप पड़े हैं। यहां रजिस्ट्रार भी नहीं है। कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी केवल अंदरूनी स्तर पर फाइलें निकाल रहे हैं। कुलसचिव और कुलपति कार्यालय में फाइलों के अम्बार लग चुके हैं।





No comments:
Post a Comment