अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. निजी स्कूलों में आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत निशुल्क प्रवेश के लिए अभिभावक अपने बच्चों का ऑनलाइन आवेदन 15 मार्च तक कर सकते हैं। आवेदन के लिए इस बार विभाग ने नई व्यवस्था शुरू की है, इसके तहत गूगल प्ले से एक एप डाउनलोड कर मोबाइल से भी आवेदन किया जा सकता है। जिले में करीब 506 स्कूल हैं जो आरटीई के दायरे में आते हैं।
अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी शिवकुमार व्यास ने बताया कि सत्र 2018-19 के लिए जिले में 506 से अधिक गैर सरकारी स्कूलों के 4 हजार से अधिक सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए अभिभावकों को निजी स्कूलों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। वह शिक्षा विभाग के आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 15 मार्च तक चलेगी। अभिभावक प्रवेश के लिए अपने परिक्षेत्र के अधिकतम 15 स्कूलों का चयन कर सकते हंै। बच्चों के प्रवेश के लिए ऑनलाइन जानकारी भरते समय अभिभावकों को खास सावधानी बरतनी होगी। किसी भी प्रकार की गलती के लिए अभिभावक को जिम्मेदार माना जाएगा। शिक्षा विभाग ने तीन साल बाद फरवरी से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें चयनित विद्यार्थियों की 1 अपे्रल से पढ़ाई शुरू हो सकेगी। विभाग अब तक मई में निशुल्क प्रवेश के लिए लॉटरी निकाल रहा था। इस कारण से एक अप्रेल से शुरू होने वाले निजी स्कूलों में आरटीई से प्रवेशित विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान हो रहा था। इसबार विभाग प्रवेश का वरियता क्रम तय करने के लिए 19 मार्च को लॉटरी निकालेगा।
गाइडलाइन के मुताबिक आवेदन के लिए ऑनलाइन भरी गई सूचनाओं को लॉक करने के बाद उसका एक प्रिंट व रिपोर्टिंग प्रपत्र को भरकर जरूरी दस्तावेजों सहित इच्छित स्कूल में प्रवेश के लिए रिपोर्ट करनी होगी। प्रिंट आउट पर विद्यार्थी का फोटो भी लगाना होगा। अधिकारियों ने बताया कि तय तिथि तक रिपोर्टिंग नहीं करने पर विद्यार्थी प्रवेश का पात्र नहीं होगा। तय अवधि में अगर कोई स्कूल रिपोर्टिंग कराने के लिए इंकार करता है तो जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक व माध्यमिक में इसकी लिखित में शिकायत कर सकते है।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
अधिकारियों ने बताया कि पहली मर्तबा गूगल प्ले स्टोर से राजस्थान प्राइवेट स्कूल एप डाउनलोड कर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। साथ ही ई-मित्र से भी आवेदन हो सकता है।
यह दस्तावेज चाहिए
आरटीई के तहत आवेदन करने वाले अभिभावक की एक लाख रुपए सालाना तक आय का प्रमाण पत्र, निवास संबंधी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, एचआईवी या कैंसर प्रभावित के लिए रजिस्टर्ड डायग्नोस्टिक केन्द्र की रिपोर्ट सहित अन्य के लिए सक्षम स्तर से जारी प्रमाण पत्र आवश्यक है।
यह कर सकते है आवेदन
आवेदन प्रक्रिया के तहत विभाग ने दो कैटेगरी बनाई है। दुर्बल वर्ग कैटेगरी में ऐसे बालक जिनके अभिभावकों की सालाना आय 1 लाख रुपए या इससे कम है। असुविधाग्रस्त कैटेगरी में बीपीएल, एससी, एसटी केटेगरी के बालक, अनाथ, एचआईवी व कैंसर प्रभावित बालक या इन रोग से पीडि़त अभिभावकों के बालक, युद्ध में शहीद की विधवा के बालक, निशक्त बालक, ओबीसी के ऐसे बालक जिनके अभिभावकों की आय 1 लाख रुपए सालाना या इससे कम है।





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