करौली. विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर रविवार को यहां जिला क्षय रोग निवारण केन्द्र पर आयोजित गोष्ठी में चिकित्साधिकारियों ने क्षय रोग के प्रति सजग रहने पर जोर दिया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश मीना ने कहा कि क्षय रोग से ना तो डरें और ना ही इसे छुपाए, बल्कि समय पर उसका उपचार कराएं। रोग को छुपाने पर बीमारी बढ़ती है। डॉ. मीना ने कहा कि जब रोग बढ़ जाता है, तब रोगी अस्पताल पहुंचता है।
प्रमुख चिकित्सा डॉ. बाबूलाल मीना ने क्षय रोगियों से समय पर दवाई लेने और नियमित रूप से उपचार कराने की बात कही। साथ ही कहा कि टीबी मरीज अपने प्रत्येक परिवारजन की बलगम की जांच भी आवश्यक रूप से कराएं।
जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डॉ. विजयसिंह मीना ने बताया कि कफ की जांच समय पर कराए और रोग मुक्त होने तक दवाई ली जाए। जांच एवं दवा नि:शुल्क हैं। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहने पर कफ की जांच कराए जाए। इस मौके पर टीबी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक शकरुद्दीन खान ने कहा कि क्षय रोग के प्रति सजगता बरतने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. भुवनेश बंसल, डॉ. सुशील मीना, डॉ. बत्तीलाल मीना सहित जिला क्षय रोग निवारण केन्द्र के अनिलकुमार शर्मा, नर्सिंग अधीक्षक हरसहाय गुर्जर, धर्मसिंह मीना, दिनेशचन्द शर्मा, मोनिका मित्तल, केशवनारायण शर्मा, मनीष शर्मा आदि मौजूद थे। इससे पहले एएनएम ट्रेनिंग सेन्टर की छात्राओं एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर टीबी रोग से बचाव का संदेश दिया। सीएमएचओ डॉ. दिनेश मीना व डॉ. विजयसिंह मीना ने हरी झण्डी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस मौके पर टीबी से मुक्ति की ओर पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
4 हजार रोगी किए चिन्हित
जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डॉ. विजयसिंह मीना ने बताया कि वर्ष 2018 में कुल 4089 टीबी रोगी चिन्हित किए गए। इनमें से 2241 मरीजों की सीबी नॉट की जांच की गई। साथ ही राज्य सरकार की ओर से निक्षय पोषण योजना के तहत 30 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।





No comments:
Post a Comment