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अब मत बोलना...बीड़ी जलाइले जिगर से, वरना हो जाएगा ये हाल

अजमेर.

दरगाह क्षेत्र में जर्जर मकान में जिन्दा जले वृद्ध की दूसरे दिन पहचान हो गई। परिजन के आने पर दरगाह थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया। प्रारंभिक पड़ताल में आग मकान में पड़े पुराने कपड़ों के ढेर में बीड़ी के गुल से आग लगना सामने आया।

शव को मोर्चरी में रखवा दिया

सहायक उप निरीक्षक रामाकिशन ने बताया कि बीते दिनों नला बाजार पटवा गली में जर्जर मकान से धुआं उठने पर क्षेत्रवासियों पर नगर निगम की दमकल पहुंची थी। दमकल ने पुराने कपड़ों में लगी आग को बुझा दिया।जब मकान में रहने वाले विमंदित व्यक्ति विजय करण(60) पुत्र सूरज करण की तलाश की गई तो उसका सुराग नहीं लगा। पड़ोसियों ने जब जर्जर मकान में तलाश की तो विजय करण का शव झुलसी हालत में मिला। सूचना पर पहुंची दरगाह थाना पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने गुरुवार को विजय करण के भाई जयपुर निवासी राधेश्याम और फतेहकरण के आने पर पोस्टमार्टम करवाकर शव सुपुर्द कर दिया।

दो भाई थे विमंदित

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि विजय करण व उसका भाई फतेहकरण मानसिक रूप से विमंदित व अविवाहित थे। विजय करण अजमेर में जर्जर मकान में रहता था जबकि एक भाई राधेश्याम जयपुर में रहता था। विजय करण आसपास के लोगों के मदद से गुजर-बसर कर रहा था। वह बीड़ी पीने का आदि था। संभवत: पुराने कपड़ों में सुलगती बीड़ी से आग लग गई। जिसमें विजय करण की दम घुटने से मौत हो गई।



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