अजमेर.
सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 807 वें उर्स के लिए रजब के चांद का इंतजार है। चांद गुरुवार या शुक्रवार को दिख सकता है। इसके साथ ही गरीब नवाज का सालाना उर्स शुरू हो जाएगा।
गरीब नवाज का सालाना उर्स प्रतिवर्ष रजब महीने में मनाया जाता है। यह उर्स छह दिन तक चलता है। इससे पहले बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म होती है। बीते रविवार को भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी के पोते फखरुद्दीन रविवार को सैयद मारूफ अहमद साहब की सदारत में बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म अदा कर चुके हैं।
रजब के चांद का इंतजार
ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का 807 वां उर्स विधिवत रूप से रजब का चांद दिखाई देने पर 7 अथवा 8 मार्च से शुरू होगा। रजब का चांद दिखने के साथ ही यहां उर्स से जुड़ी परम्पराएं शुरू हो जाती हैं। इसके अलावा आस्ताना शरीफ में खिदमत का वक्त भी कुछ बदल जाता है।
उमड़ेंगे लाखों जायरीन
बुलंद दरवाजे पर झंडे की रस्म के साथ उर्स की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। उर्स की विधिवत शुरूआत के साथ जायरीन की आवक धीरे-धीरे बढ़ेगी। रजब का चांद दिखने के बाद उर्स विधिवत शुरू होगा। इसके साथ दरगाह में गरीब नवाज के अकीदतमंद की तादाद बढ़ती चली जाएगी। उर्स के दौरान विभिन्न रसूमात और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
कलंदर पेश करेंगे छडिय़ां
महरौली शरीफ से पैदल रवाना हुए कलंदर गंज स्थित चिल्ले पर ठहरेंगे। वे यहां से छडिय़ों का जुलूस निकालेंगे। इस दौरान कलंदर हैरत अंगेज करतब पेश करते चलेंगे। ख्वाजा साहब के उर्स के दौरान वे अजमेर शरीफ में ही रहेंगे। उर्स में छोटे कुल की रस्म के दौरान वे विभिन्न पारम्परिक रसूमात अंजाम देंगे।





No comments:
Post a Comment