बांदीकुई. सर्व शिक्षा अभियान की ओर से दिव्यांग बालकों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे व आर्थिक सम्बलन दिए जाने के लिए एस्कोर्ट-ट्रांसपोर्ट भत्ता दिए जाने के आदेश हैं, लेकिन शिक्षा सत्र बीतने के कगार पर हैं, लेकिन इन्हें चालू सत्र 2018-2019 में अभी तक एक बार भी भत्ता नहीं मिल पाया है।
इससे दिव्यांग बालक व उनके परिवारों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। वहीं पढ़ाई से भी मोहभंग होता दिखाई दे रहा है।
इससे सरकार की ओर से संचालित योजना का दिव्यांगों को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ये दिव्यांग प्रशासन को कोसते दिखाई देते हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट भत्ता तो सभी को दिया जाताहै, लेकिन एस्कार्ट भत्ते के लिए टीम गठित होती है। जो कि मामले की जांच कर वास्तविक रूप से पात्रों का ही चयन कर भुगतान करती हैं। इसके लिए जिला स्तर पर एडीपीसी, एपीसी, सीडीईओ एवं जिला परिषद प्रतिनिधि शामिल होता है, लेकिन अभी तक एस्कोर्ट योजना में पात्र लोगों का भी चयन तक नहीं किया गया है। इससे यह योजना भी कागजों में सिमटती दिखाई दे रही है।
तहसील क्षेत्र के 172 बालक हैं पात्र
सर्व शिक्षा अभियान से मिले आंकड़ों के मुताबिक ब्लॉक कि राजकीय विद्यालयों में कुल 546 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत है। इनमें से 172 विद्यार्थी जो कि 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग है। इन बालकों को प्रतिमाह 400 रुपए ट्रांसपोर्ट भत्ता एवं 400 एस्कोर्ट भत्ता राशि मिलती है। ऐसे में जुलाई से फरवरी माह 2019 तक आठ माह का कुल करीब सवा 11 लाख रुपए का भुगतान अटका हुआ है।
निजी विद्यालय में अध्ययनरत को नहीं है लाभ
यदि कोई बालक अधिक दिव्यांग है अधिक दूर तक चल फिर नहीं सकता तो परिजन ऐसे बालक को निजी शिक्षण संस्था में प्रवेश दिला देते हैं, लेकिन सरकार की ओर से राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत को ही लाभ दिया जाता है। इससे दिव्यांगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। जबकि सरकार को निजी व सरकारी दोनों विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों का लाभ देना चाहिए। इससे दिव्यांगों का शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ सके। (नि.सं.)
21 प्रकार के दिव्यांग होते हैं लाभान्वित
बीएन जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बना ब्लॉक संदर्भ कक्ष दिव्यांगो के लिए कारगर साबित हो रहा है। संदर्भ केन्द्र पर करीब 21 प्रकार के दिव्यांग लाभान्वित हो रहे है। कक्षा 1-12 तक कुल 647 दिव्यांग विभिन्न विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हंै। इसमें 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग बालक बालिकाओ को ही केन्द्र का लाभ दिया जाता हैं। संदर्भ केन्द्र पर वातावरण निर्माण, पोजियो करेक्शन सर्जरी, अंग उपकरण वितरण, दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता, मेडिकल कम फंक्शनल असेसमेट कैम्प जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसमें अल्पदृष्टि, पूर्ण दृष्टि, श्रवण दोष, वाक् भाषा, चलन नि:शक्तता, बौद्धिक अक्षमता, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी, सेरेब्रल पाल्सी, बहु विकलांगता, आर्टिज्म, कुष्ठरोग, बोनापन, हिमोफिलिया, पार्किंसन्स एवं तेजाब हमले से ग्रसित बालक शामिल किए जाते हैं। (नि.सं.)
शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा जारी
अभी तक ट्रांसपोर्ट व एस्कोर्ट के भत्ते का पूरा बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। फिलहाल 60 प्रतिशत राशि का आवंटन हुआ है। इस आवंटित राशि के हिसाब से शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा।
अमरचंद, जिला कोर्डिनेटर





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