जालोर.
कार्यकर्ता समागम में भाग लेने जालोर पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकसभा सीट के लिए खुले तौर पर तो वैभव गहलोत को प्रत्याशी बनाने की बात नहीं की, लेकिन संकेत जरूर दे दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व के चुनावों में जालोर-सिरोही से उनकी इच्छा वैभव को उम्मीदवार बनाने की थी। उम्मीदवार चयन का फैसला राहुल गांधी और आलाकमान करेंगे। जो उम्मीदवार बने उसे आप वैभव गहलोत ही समझना। उसके साथ हम सभी हैं और उसे लोकसभा सीट से चुनाव जिताकर भेजेंगे।
शनिवार को जालोर स्टेडियम में कांग्रेस के कार्यकर्ता समागम में पहुंचे मुख्यमंत्री गहलोत का कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्वागत किया। यहां गहलोत ने 42 मिनट के भाषण के कई बार प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर शब्द बाण चलाए। भाषण के दौरान गहलोत ने कहा कि वे देरी से आए इसके लिए क्षमा मांगते है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में वे दुर्भाग्य से सभी सीटें नहीं जीत पाए, लेकिन लोकसभा सीट किसी भी हालत में हमें जीतनी है। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में किसानों के बिजली के दाम नहीं बढ़़ेंगे। वहीं दस हैक्टेयर भूमि तक खेत में होने वाली फसल से संबंधित फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए किसानों को भूपरिवर्तन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि जून तक एक लाख किसानों को बिजली के कनेक्शन दिए जाएंगे। वहीं उच्चतर कक्षाओं तक छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षण सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक की गई घोषणाओं व उनकी क्रियान्विति को लेकर कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर नहीं है। राहुल गांधी का कहना है कि या तो कहो मत और अगर कहो तो उसे पूरा जरूर करें। गहलोत ने कहा कि राजनीति में अहम् और घमंड नहीं चलता है। लोकतंत्र में जनता माई बाप है। देश में अब कांग्रेस की जरूरत है।
इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री सुखराम विश्नोई ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार की घोषणाओं की क्रियान्विति को लेकर जानकारी देते हुए जालोर सिरोही लोकसभा सीट से वैभव गहलोत को उम्मीदवार बनाने की मांग की। विश्नोई ने कहा कि जालोर की जनता की मंशा है कि वैभव को जालोर-सिरोही से उम्मीदवार बनाने का निर्णय मुख्यमंत्री लें। पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कुछ कमी रही है। लेकिन लोकसभा चुनाव में हमारा उम्मीदवार जीते। वैभव को उम्मीदवार बनाने को लेकर पूर्व में भी जनता की मांग रही है। उन्होंने कहा कि दो माह मेहनत करके लोकसभा सीट जीताए। उसके बाद कोई काम बाकी नहीं रहेगा।
जिलाध्यक्ष डॉ. समरजीतसिंह ने संबोधन में मुख्यमंत्री से जालोर को गोद लेने की बात कही। समागम में प्रदेश महासचिव पुखराज पाराशर, उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष नैनसिंह राजपुरोहित, पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल, सवाराम चौधरी, उमसिंह चांदराई, संध्या चौधरी, पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल, हीरालाल विश्नोई, गोपाराम मेघवाल, पूर्व जिला प्रमुख मंजू मेघवाल, पूर्व मंत्री अर्जुनसिंह देवड़ा, गंगासिंह, सोहनसिंह देवड़ा, डॉ.भरत मेघवाल, रमीला मेघवाल, शमशेर अली, मोहनसिंह चितलवाना समेत अन्य मौजूद रहे। गहलोत के आगमन से पूर्व भी कई वक्ताओं ने सभा को संबोधित किया।





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