अपराध का रुख कर रहा बचपन
-जिले में कई अपराधिक वारदातों में नाबालिग शामिल
धौलपुर. जिले में बाल अपराधियों के लगातार बढ़ते ग्राफ से हर कोई चिंतित है। हम जिन मामलों का जिक्र कर रहे हैं, वो तो रिकॉर्ड में दर्ज हैं, लेकिन कई मामले ऐसे हैं जिनका पता भी नहीं पड़ता। जब अपराध भाव से ग्रस्त बच्चों की काउंसिलिंग की जाती है तो कई ऐसे महत्वपूर्ण पहलू निकलकर सामने आते हैं। अधिकतर मामलों में बच्चे घरेलू तनाव के कारण अपराध कर देते हैं। हत्या, चोरी, मारपीट, नशा या अपहरण जैसे मामलों में तो किशोर माहिर हो गए हैं। हालांकि इन घटनाओं के लिए परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। अक्सर लोग नाबालिग बच्चों को मासूम समझ कर उनकी छोटी हरकतों को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन हकीकत ये है कि जिले में बड़े अपराधों में छोटे पैर जमाते जा रहे हैं। ये दुष्कर्म, हत्या, चोरी, अपहरण जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। विभागीय आंकडों पर नजर डाले तो विगत पांच वर्ष 325 बाल अपचारियों को किशोर गृह भेजा जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि जिले के राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह में आवासी बच्चों की संख्या में वर्ष दर वर्ष बढोत्तरी होने का सिलसिला जारी है। आंकडों पर नजर डाले तो विगत वर्ष में 325 बाल अपचारियों के किशोर गृह पहुंचे, इसमें अधिकांश बाल अपचारी बड़े अपराधों में भी शामिल रहे है और कई वारदातों को अंजाम दे चुके है। इसके अलावा कई बाल अपचारी दो बार यहां भेजा गया है। इसके अलावा किशोर गृह से बाल अपचारियों के बार-बार फरार होने जाने का सिलसिला जा है, दो सप्ताह पूर्व पांच बाल अपचारी किशोरगृह से फरार भी हो गए, जिनका अभी तक कोई भी सुराग नहीं सका है। फरार आरोपित चोरी, डकैती जैसे गंभीर मामले में पकड़े गए थे।
नाबालिगों ने बनाया गिरोह
कुछ दिनों पहले निहालगंज थाना इलाके में एक व्यापारी के साथ रीको एरिया में लूट की वारदात में नाबालिक की गिरोह बना कर अंजाम दिया जाना सामने आया है। पुलिस ने आरोपितों को निरुद्ध कर बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से इन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि लूट में शामिल किशोर शहर में एक कोचिंग सेंटर पर एक साथ पढ़ते थे और लूट की वारदात को लेकर गिरोह बनाकर अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि किशोरों की कई गिरोह शहर में सक्रिय है, जो कि अपराधिक वारदातों को अंजाम देती है।
वारदात में नन्हों का इस्तेमाल
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि लूट की वारदातों में छोटे बच्चों का इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे कार्यों को अंजाम दिए जाने से पहले बैंक परिसरों में रैंकी की जाती है और यहीं से पीडि़ता का पीछा शुरू किया जाता है, मौका पाकर छोटे बालक के जरिए लूट की वारदात को अंजाम दिया जाता है। गत वर्ष निहालगंज थाना इलाके में ऐसी वारदात हो चुकी है, जिसके आरोपित का अभी तक कोई भी सुराग नहीं सका है, घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज में छोटे बालक की ओर से वारदात को अंजाम दिया जाना सामने आया।
वर्जन....
बड़े अपराधों में भी किशोरों के शामिल होने के मामलों में इजाफा हो रहा है। ऐसे में हर मां पिता को अपने बच्चों पर नियमित तौर पर निगरानी रखनी चाहिए। किशोर कहां आ जा रहे है, किसके साथ बैठ रहे है और उनके दोस्त कौन कौन है। इसे जानने का एक माध्यम यह है कि किशोर के व्यवहार में अचानक आए परिवर्तन पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। समाज से जुड़े हर विषय पर परिजनों को किशोरों से खुलकर बातें करनी चाहिए और उन्हें पूरा समय दें, ताकि वे सही राह पर चल सकें।
अजय सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक
भौतिक वादी युग में माता पिता अपने बच्चों की ओर ध्यान नहीं दे पा रहे है, ऐसे में बालकों का रुख अपराध की ओर से हो रहा है। माता पिता को बच्चों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
बिजेन्द्र सिंह परमार, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति धौलपुर
राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह में आवासी बच्चों की संख्या
बाल अपचारी
वर्ष- संख्या
2014-15 68
2015-16 75
2016-17 52
2017-18 65
2018-19(फरवरी) 65





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