बज्जू. ग्रामीण इलाकों में इन दिनों सांझ ढलते ही होली के रसिये चंग की थाप थिरकते नजर आ रहे हैं। गांवों में चंग रो धमीड़ो, म्हे तो मेहला बैठी सुणियो रे, आई फागण री फुहार, आयो फागणियो आदि फागण के गीतों की स्वर लहरियों की गूंज सुनाई दे रही है। खासकर युवा फागण की मस्ती से सरोबार होकर चंग की थाप पर थिरकते नजर आने लगे हैं। धुमक्कड़ जातियों के परिवार भी गांवों में चंग लेकर रंगों से खेलते हुए लोगों को होली की बधाई देते नजर आते है।
उड़ती उड़ती कुरजा म्हारो संदेशों लेती जा
खोखराणा. गांवों में होली के पर्व की रंगत परवान पर है। ग्रामवासियों ने बताया कि इन दोनों गांवों में होली का परम्परागत खेल देर रात तक खेल जा रहे हैं। गांव में हरदड़े, धोलिया भाटे, व देड़ी गेडिय़ा समेत कबडड़ी आदि खेलों का आयोजन होने लगा है। युवाओं की टोली देर रात तक इन खेलों में व्यस्त रहती हैं।
स्कूल में मनाई होली
अक्कासर. लालमदेसर मगरा गांव के आवाज़ पब्लिक स्कूल में बच्चों व स्टाफ ने होली मनाई। इस अवसर पर बच्चों ने कबड्डी, हरदड़ा, दौड़, कुश्ती आदि खेल खेले। प्रधानाचार्य रामप्रताप सारण ने प्रेम और सौहार्द से होली खेलने का संदेश दिया।





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