ऑफिसों में कौन उपस्थित कुछ पता नही, बोर्ड नही हो रहे अपडेट
-निरीक्षण का अभाव, कई ऑफिसों में तो बोर्ड ही गायब
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. सरकारी विभागों में काम लेकर आने वाले आमजन को अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति का पता चल सके इसके लिए कार्यालयों में उपस्थिति बोर्ड लगाए गए लेकिन जिला मुख्यालय पर इसकी ओर किसी विभाग का ध्यान नही है। खुद जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर लगा बोर्ड ही अपडेट नही है, कही तो बोर्ड में पिछले साल की तारीख लिखी हुई है इससे बोर्ड स्वयं ही गवाही दे रहा है कि विभाग मे कितनी लापरवाही है। वहीं उपखंड़ कार्यालय सहित कई विभागों में तो बोर्ड ही गायब है।
-अपडेट के सख्त आदेश है
राज्य के प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी व कार्य स्थलों पर अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति निश्चित करने के लिए कार्यालय के बाहर उपस्थिति बोर्ड लगाने के निर्देश 4 अक्टूबर 2010 को जारी किए गए थे। झालावाड़ में तत्कालीन जिला कलक्टर पी. रमेश ने इस सम्बंध में बैठक आयोजित कर जिला प्रशासन के सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर की दीवार पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम व पद लिखवा कर उनकी प्रतिदिन की उपस्थिति व अनुपस्थिति लिखने के आदेश जारी किए थे। उस समय सभी विभागों ने इस आदेश का पालना किया व कार्यालयों के बाहर उपस्थिति बोर्ड लगवाए। जिला कलक्टर पी.रमेश के बाद तत्कालीन जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने भी इस आदेश को फोलो करवाया व निरीक्षण किया। इसके बाद धीरे धीरे विभाग में लापरवाही का आलम सामने आने लगा।
-पत्रिका ने लिया जायजा
मंगलवार को पत्रिका संवाददाता जितेंद्र जैकी ने मिनी सचिवालय व अन्य स्थानों पर स्थित सरकारी विभागों का जायजा लिया तो मात्र तीन कार्यालय को छोड़ कर सभी विभागों की लापरवाही सामने आई। मात्र जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय,सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय व परियोजना प्रबंधक अनुसूचित जाति जन जाति वित्त व विकास निगम कार्यालय के बाहर लगे बोर्ड अपडेट नजर आए।
-इन विभागों में नजर आई लापरवाही
मिनी सचिवालय में जिला कलक्टर कार्यालय, जिला रसद अधिकारी कार्यालय, उप निदेशक कृषि विस्तार, सहायक निदेशक राज्य बीमा एवं प्राव.निधी विभाग, कार्यालय सहायक निदेशक अभियोजन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक उद्यान, मुख्य आयोजना अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, श्रम कल्याण अधिकारी, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, कोष कार्यालय, समाज कल्याण विभाग में बोर्ड अपडेट नही मिले। कहीं जगह तो बोर्ड में पिछले साल की तारिख लिखी थी तो कहीं बोर्ड बिलकुल साफ नजर आया।
-यहां तो बोर्ड ही गायब थे
कई सरकारी विभागों में तो उपस्थिति बोर्ड ही नजर नही आए। इसके तहत जिला परिषद कार्यालय, जल संसाधन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, खनिज विभाग व रोजगार कार्यालय सहित कई विभागों में बोर्ड गायब थे। वहीं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग खंड़ कार्यालय अधिशाषी अभियंता में तो बोर्ड को एक कक्ष में कचरे के बीच पटक रखा था।
-निरीक्षण कर पांबद करेगें, पालना नही होने पर कार्रवाई होगी
इस सम्बंध में जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने कहा कि जिले में सभी सरकारी विभागों में आमजन की सहुलियत के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति के बोर्ड लगना व उसे नियमित अपडेट करना अनिवार्य है। गर इस कार्य में कोई लापरवाही करता है तो निरीक्षण कर उसको पाबंद किया जाएगा। नियम की पालना नही होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





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