निमाज। खिनावड़ी गांव के वाशिन्दों के डेढ़ महीने के बाद हलक तर हुए। डेढ़ महीने बाद गांव के जीएलआर में पानी आया। पानी आते ही ग्रामीणों में खुशी छा गई। राजस्थान पत्रिका में पेयजल समस्या को लेकर खबर के प्रकाशन के बाद पीएचईडी व ग्राम पंचायत हरकत में आए। पीएचईडी के कार्यवाहक सहायक अभियंता अमृत मीणा ने डिस्कॉम से सम्पर्क साध फू लमाल क्षेत्र में जला ट्रांसफ ार्मर ठीक करवा बिजली कनेक्शन करवाया। सरपंच भंवरलाल कुमावत ने पाइप लाइन को ठीक करवा लंबे समय से खराब पड़ी टूंटीयों को ठीक करवाया। ज्यों ही गांव के जीएलआर में पानी आने की सूचना मिली, महिलाओं के चेहरे पर खुशी छा गई।
उल्लेखनीय है कि खिनावडी ग्राम के वाशिंदों को पिछले डेढ़ महीने से गांव के जीएलआर में पानी आने का इंतजार था। गांव समेत आस-पास की ढाणीयों के ग्रामीण पेयजल संकट की समस्या से जूझ रहे थे। ग्रामीणों को टैंकरों के माध्यम से मुंह मांगे दाम देकर पानी खरीदना पड़ रहा था।
अवैध कनेक्शन बने बाधा
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जीएलआर तक आने वाली लाइन में अवैध कनेक्शन के कारण पूरा पानी जीएलआर तक नही पहुंच रहा है। इसके कारण ग्रामवासियों को आने वाली गर्मी में भी पेयजल के लिए भटकना पड़ेगा।
पत्रिका का जताया आभार
डेढ़ महीने बाद जीएलआर में पानी आने पर महिलाओं समेत ग्रामीणों ने पत्रिका का आभार जताया। ग्रामवासियों का कहना था कि डेढ़ महीने से जीएलआर सूखा पड़ा था। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पत्रिका ने ग्रामीणों की पीड़ा को समझा और अधिकारियों का इस और ध्यान आकर्षित करवाया, तब जाकर समस्या का निस्तारण हुआ।
पोलिटिकल बैठक में भी उठा मुद्दा
खिनावड़ी के मेघमल्हार पर पिछले दिनों राजस्थान पत्रिका के पोलिटिकल क्लब की बैठक में भी पेयजल की समस्या को लेकर अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं करने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। फू लमाल सरपंच भंवरलाल कुमावत व प्रदीपसिंह बारहठ ने फू लमाल, खेड़ा की पेयजल समस्या व खिनावडी में डेढ़ महीने से पानी नहीं आने से ग्रामीणों को होने वाली समस्या को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद राजस्थान पत्रिका ने लगातार ग्रामीणों की पेयजल की समस्या को लेकर खबरें प्रकाशित की। बाद में हरकत में आए अधिकारियों ने समस्या के निस्तारण की ओर कदम बढ़ाया।
ऐसे बिगड़े खिनावड़ी के हालात
खिनावडी गांव में मोहराई से जनता जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ती होती है। मोहराई के जिस कुएं से पानी आता था, वहां का पानी पाताल जाने से व्यवस्था बिगड़ चुकी है। विभागीय योजना के तहत गांव व आस-पास की ढाणियों में बनी टंकियों में फू लमाल के पास कुएं से पानी आता था। वहां का ट्रांसमीटर जल जाने के बाद से ही व्यवस्था ठप हो गई थी। बकाया बिल को लेकर पंचायत व पीएचईडी एक-दूसरे पर डाल रहे थे। विभागों की खींचतान का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे थे।
सरपंच ने की अस्थाई व्यवस्था
पेयजल की समस्या से जूझ रहे खिनावड़ी गांव के लोगों के लिए सरपंच भंवरलाल कुमावत ने तीन दिनों तक स्वयं एक-एक टैंकर पानी जीएलआर में डलवाया। इसके बाद जीएलआर पर लगी टूंटीयों को ठीक करवाया।
पत्रिका का आभार
जीएलआर में पानी आया है
डेढ़ महीने बाद जीएलआर में पानी आया है। अब खेड़ा, फूलमाल व खिनावड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से छुटकारा मिलने की आशा बंधी है। राजस्थान पत्रिका को भी सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं।
भंवरलाल कुमावत, सरपंच ग्राम पंचायत, फू लमाल
व्यवस्था सुचारू हो गई है
फू लमाल क्षेत्र में खराब हुए ट्रांसफ ार्मर को ठीक करवा वापस लगवाकर विद्युत कनेक्शन करवा दिया है। पेयजल व्यवस्था सुचारू होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
अमृत मीणा, कार्यवाहक सहायक अभियंता, जलदाय विभा





No comments:
Post a Comment