चित्तौडग़ढ़. रोक के बावजूद जिले में अवैध बजरी खनन का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। जिम्मेदारों द्वारा अवैध बजरी परिवहन पर आंख मूंद लेने से खुलेआम ये कार्य हो रहा है। चित्तोडग़ढ़ में गुरूवार सुबह धनेत पुलिया पर अवैध रूप से बजरी भर कर आ रहे ट्रेक्टर ट्रॉली की टक्कर से स्कूटी सवार घनेतकला निवासी महिला संतरादेवी (सुमित्रा) पत्नी रामकरण तेली की मौत हो गई। अनियंत्रित ट्रेक्टर ट्रॅाली भी बजरी के साथ ही पुलिया से नदी में पलट गई। ट्रेक्टर चालक भाग गया लेकिन स्कूटी पर महिला के साथ मौजूद उसके मासूम पुत्र पांच वर्षीय वासुदेव एवं ननिहाल में मां का इन्तजार कर रही नौ वर्षीय बेटी लक्षिता के सिर से मां का साया सदा के लिए उठ गया। हॉलाकि जिस हादसे में मौके पर ही महिला की मौत हो गई उसमें साथ ही गाड़ी पर सवार पांच वर्षीय पुत्र के कोहनी पर मामूली चोट ही आना भी किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। पुलिस के अनुसार संतराबेटे वासुदेव के साथ स्कूटी पर सेंती स्थित पीहर के लिए निकली थी, तभी धनेत पुलिया पर ट्रेक्टर की टक्कर से संतरा और उसका बेटा नीचे गिर गए। ट्रेक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर नदी में पलट गई। मृतका संतरा सिलाई का काम करती है और उसका पति रामकरण मजदूरी करता है। मृतका की एक बड़ी बेटी लक्षिता (९) जो ननिहाल सेंती में थी।
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बच्चे को रोता देख रुके तो पड़ौसी निकले
जानकारी के अनुसार धनेत निवासी प्रकाशचंद्र चित्तौड़ से धनेत जा रहा था तभी नदी की पुलिया पर एक बच्चे को रोता हुए देखा तो वह रुका। उसने महिला को देखा तो वह पड़ोसी ही निकली। तत्काल वे गांव के ही शांतिलाल तेली के साथ महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मुआवजे के लिए प्रदर्शन, समझाईश पर उठाया शव
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण जिला अस्पताल में एकत्रित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। बात नहीं बनती देख ग्रामीण अस्पताल के बाहर आकर रोड पर जाम लगा प्रदर्शन करने लगे। मौके पर प्रशिक्षु डिप्टी मुकुल शर्मा, एसडीएम विनोद कुमार, शहर कोतवाली ओमप्रकाश सोलंकी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और समझाईश कर जाम खुलवाया। कुछ देर ग्रामीण फिर मोर्चरी के बाहर आ गए और प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीण ट्रेक्टर मालिक को मौके बुलाकर मुआवजा की मांग करने लगे। पुलिस उप अधीक्षक माधोसिंह, तहसीलदार मोहन सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियो ने उचित मुआवजा दिलाने के साथ ट्रेक्टर चालक की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। पुलिस व प्रशासन की समझाईश के बाद लोग मान गए। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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एक ओर के दबने की आशंका से नदी में तलाश
बजरी से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉली के नदी में पलटने के बाद क्रेन से उसे बाहर निकाला गया। ट्रेक्टर पर नंबर भी नहीं थे। ट्रेक्टर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिया के पास ही मौजूद मजूदरों ने बताया कि ट्रॉली में एक आदमी और बैठा था। इसके चलते गोतााखोरों ने घंटों तक तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। ट्रॉली रेल से भरी होने के कारण जेसीबी को बुला तलाश की गई लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। मौके पर पुलिस के साथ नगर परिषद के गोताखोर भी मौजूद रहे। माना जा रहा कि ढलान के चलते ट्रेक्टर को न्यूट्रल गियर में डाल देने से वे अनियंत्रित होकर नदी में पलट गया।
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कोई नहीं रोक पाया आंसू
हादसे के बाद संतरा के घनेत स्थित परिवार एवं सेंती स्थित मायके दोनों ही जगह माहौल गमगीन हो गया। मां का इन्तजार कर रही बेटी लक्षित का विलाप किसी से देखा नहीं जा रहा था तो मां के साथ ही ननिहाल आ रहे वासुदेव को तो पता भी नहीं था कि उसकी मां का साया सदा के लिए सिर से उठ गया है। रिश्तेदार व ग्रामीण विलाप करते परिजनों को सांत्वना देने का प्रयास करते रहे। बच्चों की दशा देख कई लोगों की आंखे नम हो उठी।





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