भीनमाल. पिछले साल बाढ़ के दौरान पानी के बहाव में पटरियां झूलने से रेल यातायात बाधित हुआ था। इस मामले में भविष्य में इस समस्या से निजात दिलाने के लिए रेलवे के कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट की तरफ से रेलवे स्टेशन व रामसीन रोड रेलवे क्रॉसिंग तक पानी की निकासी के लिए नालों का निर्माण करवाया जा रहा है। रेलवे की ओर से इस नाले से जसवंतपुरा रोड व निबाली नाडी से आने वाले बारिश के पानी को खजुरिया नाले की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। वहीं नाला बनने से बारिश के दिनों में स्टेशन रोड से रामसीन फाटक तक रेलवे पटरियों के जलमग्न होने की समस्या से भी निजात मिलेगी। रेलवे द्वारा बारसाती पानी की निकासी के लिए फाटक के पास बड़े ब्लॉकनुमा नाले का निर्माण करवाया जा रहा है। इस नाले से बरसाती पानी को रामसीन रोड पर वैयर हाउस की दिवार के सहारे बने पालिका के बड़े नाले में भेजा जाएगा। जहां से पानी की निकासी तलबी तालाब होते हुए खजुरिया नाले में होगी। ऐसे में बाढ़ के समय जसवंतपुरा रोड़ व निबाली नाड़ी का पानी रेलवे के लिए आफत नहीं बनेगा। क्षेत्र में दो बार आई बाढ़ के समय जसवंतपुरा रोड़ व निंबाली के पानी से पूरा स्टेशन व रामसीन रोड तक रेलवे पटरियां जलमग्न हो गई थी। ऐसे में नाला बनने से पानी को बहाव का रास्ता मिल जाएगा। वहीं रेलवे की पटरियों को नुकसान का अंदेशा भी नहीं होगा।
बाढ़ के समय झूल गई थी पटरियां
वर्ष 2015 व 2017 में अतिवृष्टि व बाढ़ के कारण पूरा रेलवे की पटरियां जलमग्न हो गई थी। वहीं बाढ़ के पानी रेलवे की पटरियों के नीचे से मिट्टी व कंकरीट खिसक गई थी। जिससे पटरियां हवा में झूल गई। जिसके चलते दो-तीन दिन रेल यातायात भी बाधित रहा। ऐसे में नाला बनने से जसवंतपुरा रोड़ व निबाली नाड़ी के पानी की निकासी आसानी से हो जाएगी।
खजुरिए नाले में होगी निकासी
रेलवे क्रॉसिंग के पास बने नाले को पास ही नगरपालिका की ओर से बने बड़े नाले से जोड़ जाए तो बारिश के पानी की निकासी सीधे खजुरिया नाले में हो सकती है। पालिका की ओर से बाढ़ के बाद रामसीन रेलवे फाटक के पास से बड़े नाले का निर्माण करवाया गया है। जो तलबी तालाब होते हुए खजुरिया नाले में मिलता है। 2017 में हुई अतिवृष्टि के समय नाला बनने से बारिश के पानी की निकासी जल्द हो गई।
पटरियों की सुरक्षा के लिए नाला निर्माण
रामसीन रेलवे क्रॉसिंग के पास नाले का निर्माण करवाया गया है। बाढ़ के समय पटरियों की सुरक्षा के लिए नाले का निर्माण करवाया गया है।
शरद यादव-सहायक अभियंता, रेलवे विभाग-समदड़ी





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