झालावाड़ . राजकीय सम्प्रेक्षण और किशोर गृह झालावाड़ में पल रही एक वर्ष सात माह की बालिका अलीशा जो लावारिस हालात में एसआरजी चिकित्सालय परिसर के बाहर मिली थी उसे अब विदेश में एक नया परिवार मिला है। जिससे अब उसके जीवन में खुशियां ही खुशियां होंगी।
सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक एवं अधीक्षक गौरीशंकर मीना ने बताया कि मंगलवार को इटली से आए दम्पती फिलीप्पो पगलेरी और सेम्यूला बेरनाची अलीशा को गोद लेने के लिए शिशुगृह पहुंचे। बालिका को केन्द्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी (कारा) के माध्यम से गोद देने संबंधी प्रक्रिया विभाग द्वारा पूर्ण करने के बाद बालिका नया परिवार मिला है। बालिका बाल कल्याण समिति अध्यक्ष मुकेश उपाध्याय सहित अन्य सदस्यों की मौजूदगी में सौंपी।
19 जुलाई, 2017 को नवजात बालिका अलीशा चिकित्सालय के बाहर लावारिस अवस्था में मिली थी। उस समय उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं था और उसका वजन भी लगभग 900 ग्राम था। इसके बाद बालिका का राजकीय जनाना अस्पताल के एनआईसीयू में उपचार किया। बालिका के स्वस्थ होने के बाद बाल कल्याण समिति द्वारा बालिका को शिशु गृह में प्रवेश दिया गया। बालिका की देखरेख कॉर्डिनेटर विष्णु कुमार और शिशु गृह की टीम ने की।





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