लक्ष्मणसिंह राठौड़ / अश्वनी प्रतापसिंह
राजसमंद. प्रदेश सरकार ने राज्यभर में हजारों करोड़ रुपयों के काम रोक दिए हैं। नए काम फिलहाल शुरू नहीं करने के भी आदेश हैं। ऐसा वित्तीय समस्या के चलते किया गया है। अधिकतर विभागों को लिखित में आदेश जारी कर पहले से चल काम सुरक्षित स्तर तक लाकर अस्थायी तौर पर रोकने को कहा है। एक माह से नई सड़कों, भवनों के साथ नए तालाब, एनिकट, नाड़ी का निर्माण रुका पड़ा है। बजट के अभाव में अकेला सार्वजनिक निर्माण विभाग ही करीब एक हजार करोड़ का ठेकेदारों को भुगतान नहीं कर पा रहा है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग, जयपुर के मुख्य अभियंता एमजी माहेश्वरी ने गत 28 जनवरी को विशेष आदेश जारी किए थे। आदेश में 25 जनवरी की वीडियो कॉन्फे्रंसिंग में दिए निर्देशों का भी हवाला है। ऐसा ही मिला-जुला आदेश गत 8 फरवरी को डीएमएफटी में स्वीकृत कार्यों के लिए जारी किया गया, जिसमें लिखा गया कि जिन स्वीकृत कार्यों में अब तक विज्ञप्ति या कार्यादेश जारी नहीं किए हैं, उन्हें उन कार्यों को आगामी आदेश तक रोक दें और कार्यादेश जारी नहीं करें।
मनरेगा में काम की गति धीमी
100 दिन की रोजगार गारंटी की योजना मनरेगा में भी कार्य अटक से गए हैं। पंचायतीराज विभाग ने बैठक लेकर समस्त अधिकारियों को चेताया है। कई जगह तीन-तीन माह से श्रमिकों को भुगतान नहीं हुआ है।
रोके 90 हजार करोड़ के अप्रारंभ कार्य
प्रदेश में सड़क-भवन, नई सड़कों के निर्माण के लिए निविदा के बाद कार्यादेश भी जारी हो गए, मगर जिन संवेदकों ने कार्य प्रारंभ नहीं किए, उन्हें रोकना होगा। अकेले राजसमंद जिले में 216 4 करोड़ के 48 अप्रारंभ कार्य रोके हैं।





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