दिमागी बुखार की नकली दवा जब्त
-औषधि नियंत्रण संगठन की सत्यम हॉस्पिटल पर कार्रवाई
-असली दवा 4950 रुपए की जबकि बिक रही 2100 रुपए में
श्रीगंगानगर. औषधि नियंत्रण संगठन श्रीगंगानगर की टीम ने सोमवार को मीरा चौक स्थित सत्यम मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल पर छापा मारकर दिमागी बुखार में काम आने वाली दवा की नकली वैक्सीन जब्त की। इसी दवा की चार वैक्सीन दिमागी बुखार पीडि़त बच्चों के लगाने की पुष्टि भी हुई है। मौके पर मौजूद डॉक्टर किरण गर्ग ने यह दवा जोधपुर के वर्धमान फार्मा से खरीदना बताया लेकिन वह टीम को कोई बिल प्रस्तुत नहीं कर पाए। दिमागी बुखार के काम आने वाली असली दवा की कीमत 4950 रुपए है जबकि बाजार में 2100 से 3500 रुपए में बेची जा रही है।
डॉक्टर गर्ग ने औषधि नियंत्रण संगठन की टीम को बताया कि जोधपुर की फर्म से आठ वैक्सीन खरीदी गई थी जिसमें से चार दिमागी बुखार से पीडि़त बच्चों के लगाने के काम में ली गई है। यह कार्रवाई औषधि नियंत्रण संगठन के डीआइ पंकज जोशी, रामपाल वर्मा और डीआइ स्वेता छाबड़ा की टीम ने संयुक्त रूप से की। छापा पड़ते ही अस्पताल के स्टाफ में एक बारगी हडक़ंप मच गया। इस बीच डीआइ श्वेता छाबड़ा ने मेडिकल स्टोर में दवा की आपूर्ति, बिक्री आदि के बिल व स्टॉक आदि की विस्तृत जांच की है। यह कार्रवाई ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक के आदेश पर की गई।
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अधिकृत फर्म ही बेच रही थी नकली दवा---ड्रग कंट्रोलर के अनुसार कंपनी ने बाजार में नकली दवा की बिक्री की शिकायत की। इस पर टीम ने बाजार में कई जगह जांच की। टीम को पता चला कि जयपुर के कालवाड़ पी-क्योर पर नकली वैक्सीन की ब्रिकी जा रही है। टीम ने रविवार को जयपुर में छापा मारकर 19 नकली वैक्सीन जब्त की है। संबंधित फर्म ने भी इस दवा की खरीद जोधपुर की फर्म वर्धमान फार्मा से खरीद करना बताया है। यही फर्म मेनेस्ट्रा की अधिकृत डीलर है।
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क्या है मेनिनजाइटिस---दिमागी बुखार को चिकित्सीय भाषा में मेनिनजाइटिस कहा जाता है। दिमाग में ज्वर,सिरदर्द,ऐंठन,उल्टी और बेहोशी जैसे समस्याएं पैदा हो होती है। रोगी का शरीर निर्बल हो जाता है। वह प्रकाश से डरता है। कुछ रोगियों की गर्दन में जकडऩ आ जाती है। ये सभी लक्षण मस्तिष्क की सुरक्षा प्रणाली के क्रियाशील होने पर कारण प्रकट होते हैं।
चार वैक्सीन के बिल नहीं किए पेश--औषधि नियंत्रण संगठन श्रीगंगानगर की टीम ने जांच की गई सत्यम मल्टी स्पेशिलिटी हस्पताल पर दस प्रकार की वैक्सीन मिली। इसमें चार औषधि का डॉक्टर ने कोई बिल आदि पेश नहीं किया। इस पर विभाग की टीम ने इनका स्टॉक को फ्रीज कर दिया है और तीन दिन का बिल पेश करने का समय दिया है। फिर भी बिल पेश नहीं करने पर सीज करने क कार्रवाई की जाएगी।
वैक्सीन का मिलान करने पर किया सीज--दिमागी बुखार यानी मेनिनजाइटिस नामक डिजीज लिए काम आने वाली वैक्सीन की जांच की गई। असील दवा की एक वायल अन्य जगह से खरीद कर संगठन से आई गाइड लाइन से क्रॉस चैक किया गया। इसमें दवा नकली होने पर इनको सीज करने की कार्रवाई की गई।
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इनका कहना है
सत्यम मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल से दिमागी बुखार के काम आने वाली चार नकली वैक्सीन जब्त की गई है। अस्पताल प्रबंधन इसके बिल नहीं पेश कर पाया।
-पकंज जोशी डीआइ,औषधि नियंत्रण संगठन, श्रीगंगानगर।





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