कोटड़ी।
शीतला अष्टमी के मौके पर गुरुवार को कस्बे के प्रसिद्ध चारभुजा नाथ मंदिर में भक्तों द्वारा ठाकुर जी के संग केसरयुक्त गुलाल से सामूहिक होली खेली गई । कोटडी कस्बे सहित आसपास के गांवो से श्रद्धालु चारभुजा मंदिर पंहुच कर ठाकुरजी की निजमूर्ति को गुलाब की पंखुड़ियों व केसर एवं गुलाल से होली खेलते हैं। यह परंपरा करीब 5 दशक से चली आ रही है । सुबह 9 बजे भजनों की प्रस्तुतियों व ठाकुर जी को गुलाब के पुष्प, केसर व गुलाल का तिलक लगाने के साथ ही होली खेलने की शुरूआत हो गई।
मंदिर में भजन कलाकार श्रवण सेंदरी व गोकुल शर्मा द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। भजनों पर लोग केसर गुलाल उड़ाते हुए नाचते रहे। मंदिर में होली खेलने पहुचे बच्चे से लेकर बुजर्ग, युवाओं से लेकर अधेड़ सभी केसर युक्त गुलाल घर से लेकर आए व ठाकुर जी को गुलाल का टीका लगा कर फिर आपस मे होली खेलना शुरू किया । यह परंपरा एक दूसरे के प्रेम भाव को दर्शाती है । वही लोग चारभुजा मंदिर में भक्ति में सराबोर होकर ठाकुर जी के संग होली खेलने का आनंद लेते रहे । गुरुवार को सुबह शीतला माता मंदिर पर महिलाओं द्वारा बासोड़ा भोजन का भोग लगा कर पूजन किया गया ।





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