शैलेन्द्र अग्रवाल / जयपुर। संवैधानिक पद पर रहते हुए राज्यपाल कल्याण सिंह का आचार संहिता के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में वोट का समर्थन जाहिर करने को लेकर विवाद तूल पकड़ रहा है। जन सरोकार से जुडे मुद्दों को लेकर सक्रिय राजस्थान हाईकोर्ट के वकील ने उनकी बर्खास्तगी के लिए राष्ट्रपति से मांग की है।
अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी न्यायपालिका और राजनेताओं के भ्रष्टाचार सहित आमजन से जुडे मुद्दे जनहित में कोर्ट के माध्यम से उठाते रहे हैं। भंडारी ने राज्यपाल सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में बोलने के मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि राज्यपाल कल्याण सिंह मौजूदा पद पर नियुक्ति से पहले भाजपा के सदस्य रहे हैं।
राज्यपाल नियुक्त होने पर कोई भी व्यक्ति किसी पार्टी का सदस्य नहीं रह सकता और न ही किसी राजनीतिक पार्टी का पक्ष ले सकता है। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक रूप से उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में कहा कि हम सब भाजपा के कार्यकर्ता हैं इसलिए भाजपा की जीत चाहते हैं और मोदी जी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनें। भंडारी ने पत्र में कहा है कि राज्यपाल रहते हुए दिया गया यह बयान संविधान की भावना के खिलाफ है, इसलिए उन्हें तुरन्त पद से बर्खास्त किया जाए।





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