रेलमगरा/ राजसमंद। शिक्षा की आड़ में अपनी जेबें भरने के लिए नन्हे बच्चों की जान को जोखिम में डालने से कुछ निजी विद्यालय बाज नहीं आ रहे हैं। शिक्षण संस्थानों की बच्चों को लाने-ले जाने की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही है। इसका उदाहरण गुरुवार को रेलमगरा कस्बे के मुख्य बस स्टैण्ड पर पेश आया। मेला ग्राउण्ड के समीप संचालित नवप्रभात विद्यालय एवं हाईपीक विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को लेने एक निजी ऑटो गुरुवार सुबह चामुण्डा माता कस्बे की ओर पहुंचा। लौटते समय मुख्य बस स्टैण्ड पर एक बालक को और बैठाने के लिए चालक ने ऑटो रोका और आगे की फाटक खोली तो पहले से ऑटो में ठूंस-ठूंसकर भरे बच्चों में से एक नन्ही बालिका नीचे गिर गई। बालिका के रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़ पड़े। उन्होंने देखा कि ऑटो में 35 बच्चे भरे थे, जिनमें से 9 बच्चे तो चालक के पास की सीट पर ही बैठा रखे थे। घटना के बाद ऑटो से उतरे बच्चों ने बताया कि 5 बच्चे आगे से और बैठते हैं। आगे 5 बच्चे ऑटों का इंतजार कर रहे थे। मौके पर पहुंचे बालकों के परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन की व्यवस्थाओं को लेकर गहरा रोष प्रकट किया व कार्रवाईकी मांग की।
बेपरवाही से ओवरलोडिंग
सामने आया कि दोनों विद्यालयों के भवन समीप होने से दोनों प्रबंधन ने एक ऑटो सामूहिक रूप से बालकों को लाने की व्यवस्था की। गनीमत रही कि हादसे में ऑटो से गिरी बच्ची को ज्यादा चोट नहीं लगी। निजी विद्यालयों द्वारा बरती जा रही ऐसी लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। घटना के बाद मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने ऑटो को ऑवरलोडिंग मामले में जप्त कर जांच शुरू की है। ऑटो में 12 बालकों को बैठाया का नियम है।
सड़कों पर दौड़ते हैं अनफिट वाहन
निजी विद्यालयों के संचालकों एवं प्रबंधकों की गत दिनों हुई बैठक में परिहवन विभाग के निर्देशों के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाए जा रहे हैं। कई जगह अनफिट वाहन चल रहे हैं। निर्देशों की अनदेखी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों की बैठक में हमने कड़ाई से पालना के निर्देश दिए थे। निजी विद्यालयों के वाहनों पर शिक्षा विभाग के सक्षम अधिकारी निगाह रखते हुए कार्रवाई कर सकते हंै। अनिल पण्ड्या, जिला परिवहन अधिकारी, राजसमन्द
निजी विद्यालयों के प्रबंधकों व संचालकों की बैठक बुलाकर परिवहन नियमों की पालना करने के लिए पाबंद किया जाएगा। परिवहन विभाग के नियमों के अनुरूप ही वाहनों का संचालन करने के निर्देश देंगे। चंद्रशेखर भण्डारी, उपखण्ड अधिकारी, रेलमगरा
उच्चाधिकारियों द्वारा इस तरह के निर्देश मिलते हैं तो निजी विद्यालयों की कार्यशैली एवं परिवहन व्यवस्थाओं पर निगाह रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। डालचंद मेनारिया, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, रेलमगरा
चालक ने बैठाया होगा
चालक ने गलती से क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा दिया होगा। इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच की जाएगी। जगदीशचंद्र कुमावत, प्रबंधक, नवप्रभात स्कूल रेलमगरा





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