देसूरी। अरावली की गोद में बसे गोडवाड़ के गांवों व कस्बों में जिन पहाडिय़ों पर कभी हरियाली छाई रहती थी। पहाड़ों के कारण क्षेत्र की सुंदरता को चार चांद लगे थे। उन पहाडिय़ों को खननकर्ता अवैध खनन कर पाट रहे हैं। कई जगह तो पहाडिय़ों को काटकर मैदान तक बना दिया गया है। इसके बावजूद खनिज विभाग के अधिकारी खनन माफिया के कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है।
इस क्षेत्र में खनन माफिया अवैध खनन कर पत्थर तोडकऱ बेच रहे है। अवैध खनन के कारण पहाडिय़ों का सौन्दर्य भी मिट रहा है। हरियाली भी कम हो रहा है। कई खनन माफिया ने तो पहाडिय़ों पर अतिक्रमण कर लिया है। वहां खनन भी कर रहे हैं। इन लोगों के बारे में ग्रामीणों के शिकायत करने पर वे कुछ दिन के लिए खनन बंद कर देते हैं और बाद में फिर शुरू कर देते है।
इन गांवों में है पहाडिय़ं
उपखण्ड मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित आना, सारंगवास, विरपुरा, लाम्पी गांवों के पास छोटी-बड़ी पहाडिय़ां है। इन पहाडिय़ों में ग्रेनाइट व मेसेनरी स्टोन (चुनाई के पत्थर) के पत्थरों का खनन किया जाता है। स्थिति यह है कि खनिज विभाग सोजत की ओर से मेसेनरी स्टोन लीज मात्र दो लोगों को दी गई है। इन लोगों ने आगे से आगे लीज देकर अधिक जगह खनन शुरू कर दिया है। देसूरी, काणा, विरमपुरा रेबारियान, छोड़ा, लाम्पी गांवों के पास स्थित गोचर भूमि की पहाडिय़ों पर भी खनन किया जा रहा है। तनार की काकर लाम्पी रोड, छोड़ा बांध के पास, सिंदरली गांव व आना गांव के पास एक दर्जन से भी अधिक लोग अवैध खनन कर रहे हैं।
चारागाह हो रहे समाप्त
देसूरी सहित अन्य गांवों की गोचर भूमि पर लगातर अवैध खनन कार्य किया जा रहा है। यहां कभी चारागाह हुआ करते थे। जहां मवेशी चरते थे। यहां अवैध खनन के लिए ब्लास्ट करने के कारण यह गोचर व चारागाह भूमि भी समाप्त हो रही है। अब तो यहा पशुपालक भी नहीं आते हैं।
होनी चाहिए सख्त कार्रवाई
देसूरी क्षेत्र में अवैध रूप खनन किया जा रहा है। इस कारण पहाडिय़ों का सौन्दर्य धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है। प्रशासन को खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
गुलाबनबी पठान, वार्डपंच, देसूरीप्रशासन की ओर से की जाएगी कार्रवाई
देसूरी तहसील क्ष्ेात्र में अगर अवैध खनन कार्य हो रहा है। इसकी जांच कर खनन माफिया के खिलाफ प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ताराचंद, नायब तहसीलदार, देसूरी





No comments:
Post a Comment