बाड़मेर। सरकार जहां एक तरफ शिक्षा नीति में सुधार के दावे कर रही है। वहीं राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक स्कूल से ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर बच्चों के परिजनों की नींद उड़ गई है। इस बार ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य पर कई आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में जब प्रधानाध्यापक प्रवेश करते हैं तो वे शराब के नशे में होते हैं। इसके चलते विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम पसरा रहता है। न तो बच्चों को पौषाहार मिलता है और न ही सरकार द्वारा शुरू किए गए बच्चों को परोसे जाने वाले दूग्ध योजना का लाभ मिलता है।
मामला बाड़मेर के महाबार गांव के सरकारी स्कूल से जुड़ा है, जहां पहले भी गांव के लोग भरतसिंह नाम के प्रधानाध्यापक को इस मामले में समझा चुके हैं। यह बात स्थानीय लोगों ने बताई। उन्होंने कहा कि स्कूल में नियमित रूप से आने और नशा नहीं करने को लेकर ग्रामीणों ने एकत्रित होकर प्रधानाध्यापक को समझाया था। गांव के लोगों ने एक बार फिर एकत्रित होकर शिक्षक का विरोध किया है।





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