कोटा. नगर निगम के अधिकारी अब जनता से जुड़े कार्यों को आचार संहिता का बहाना बनाकर टाल नहीं सकेंगे। यदि ऐसा करते है तो जि मेदार कर्मचारियों के िालाफ कार्रवाई की जाएगी। आचार संहिता के दौरान निकायों व पालिकाओं में किस-किस तरह के काम आसानी से हो सकेंगे, इसके बार में स्वायत्त शासन वि ााग के निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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कोटा नगर निगम समेत सभी निकायों से सरकार तक शिकायतें पहुंची थी कि लोग किसी भी काम के लिए निगम में जाते हैं तो अधिकारी व कर्मचारी आचार संहिता का हवाला देकर टाल देते हैं। इस कारण लोगों को चक्कर लगाने पड़ रहे है। कई लोगों के रूटीन के सामान्य काम भी अटक गए हैं। इसके बाद मंगलवार को सरकार ने आचार संहिता के दौरान क्या-क्या काम हो सकते हैं, इसके दिशा निर्देश जारी किए हैं।
यह काम नहीं अटकेंगे
- नया भवन निर्मित करने, भवन को पुन: निर्मित करने या ावन में तात्विक परिवर्धन करना आदि की स्वीकृति के लिए भवन मानचित्र आवेदन को तय अवधि में निस्तारण किया जा सकेगा।
- पूर्व में स्वीकृत आवासीय, व्यावसायिक योजनाओं में नीलामी द्वारा विक्रय किए गए भू ण्डों में आवंटी, क्रेता यदि स ाी देय का ाुगतान कर दिया हो तो पट्टा जारी जा सकेगा।
- कृषि भू मि नियमन, निर्माण स्वीकृत, नामांतरण आदि की समक्ष स्वीकृति के बाद पूर्ण राशि जमा हो गई हो तो पट्टा या स्वीकृति जारी की जा सकती है।
- पूर्व में स्वीकृत विकास कार्य जिन पर कार्य शुरू हो गया है, ऐसे कार्य जारी र ाना।
- प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स, निर्माण कार्यों की डीपीआर तैयार करवाना व परीक्षण करते हुए अनुमोदन की कार्रवाई करना।
- ड्राइंग, डिजाइन व विस्तृत एस्टीमेट तैयार करना।
- स्वीकृत कार्य की लागत के आधार पर टेण्डर डॉक्यूमेंट तैयार करना एवं एमओयू का प्रारूप तैयार करना।
- जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार तात्कालीन आवश्यकता के अनुसार निर्माण कार्य करवाना।
- भू मि विक्रय, नियमन के विधि स मत जारी किए गए पट्टों का पंजीयन नहीं होने पर ऐसे पट्टों का पुनर्वेध, नवीनीकरण करके पंजीकरण कराने का कार्य।
- पट्टों के नामांतकरण के कार्य
- आचार संहिता से प्र ाावित नहीं होने वाले अन्य सामान्य दैनिक प्रकृति के कार्य, ताकि आम जनता को असुविधा नहीं हो।
वार्डों के विकास कार्यों के टेण्डर होने के बावजूद कार्यादेश देने में अधिकारी आचार संहिता का बहाना बना रहे हैं। सीवरेज लाइन जैसे जन महत्व के कार्य रोकना अनुचित है। इस बारे में आयुक्त के समक्ष आपत्ति ाी जताई है। विवेक राजवंशी, पार्षद
निगम में छोटे-छोटे काम के लिए ाी कर्मचारी व अधिकारी आचार संहिता का बहाना बना रहे थे। जनता की समस्या को दे ाते हुए स्वायत्त शासन मंत्री वस्तु स्थिति बताकर राहत दिलाने का आग्रह किया था।
अनिल सुवालका प्रतिपक्ष नेता
आचार संहिता के दौरान क्या-क्या काम हो सकते हैं, इसके बारे में मु यालय से दिशा निर्देश भी आए हैं। वैसे सामान्य काम सुचारू चल रहे हैं।
नरेन्द्र गुप्ता आयुक्त नगर निगम





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