नई दिल्ली। अमरीका ने भारत को दिए गए प्रेफरेंशियल ट्रेड टर्म्स को दो माह के भीतर खत्म करने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका भरत के निर्यात पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। असल में भारत अमरीका को करीब 2.79 हजार करोड़ के प्लेन गोल्ड जूलरी, सिल्वर स्टडेड जूलरी, इमिटेशन जूलरी की कुछ किस्में निर्यात करता है। अमरीका द्वारा ड्यूटी बेनेफिट हटा लेने के बाद निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
किन व्यापारियों पर होगा असर
जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (जीएसपी) कार्यक्रम के तहत अमरीका में भारत से करीब 1,784 वस्तुओं को बिना ड्यूटी के प्रवेश दी जाती है। इसका सीधा लाभ कपड़ा व्यापारियों, इंजीनियरिंग, जेम्स एंड ज्वैलरी और रसायन संबंधी वस्तुओं के व्यापारियों को होता है। आभूषणों विक्रता एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अमरीका में भारत से जो ज्वेलरी जाती है, उसमें से ज्यादातर पर सिर्फ ६ फीसदी की आयात शुल्क है जोकि इस फैसले के बाद बढ़ जाएगी। वहीं दूसरी ओर इस वित्त वर्ष में निर्यात बहुत अच्छी नहीं रही है। भारत से होने वाले कुल जेम्स एंड जूलरी एक्सपोर्ट में अमरीका की हिस्सेदारी 25 फीसदी के करीब है।
क्या है प्रेफरेंशियल ट्रेड टर्म्स
अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ४ मार्च को संसद में बताया था कि मई से भारत से 5.6 अरब डॉलर के निर्यात पर ड्यूटी बेनेफिट्स को वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि भारत के ट्रेड बैरियर्स को देखते हुए वह यह कदम उठा रहे हैं। अमरीका 1976 से भारत को यह सुविधा देता आ रहा है।





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