कोटा. शहर में होली की हुड़दंग है। जगह जगह मस्तानों की टोलियां चंग के संग होली के रंग बरसाती नजर आएगी। इधर, देखिए होली की रात भी खास है। जो लोग तंत्र-मंत्र में रूची रखने वाले हैं, उनके लिए यह रात थोड़े से तंत्र और मंत्रों का अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुना फायदा देने वाली होगी।
ज्योतिषाचार्य अमित जैन शास्त्री के अनुसार होली का त्योहार जहां रंगों से जीवन में उल्लास लाने वाला होता है वहीं इसके साथ तंत्र साधना का योग भी जुड़ा हुआ है।
माना जाता है कि इस दिन तंत्र-मंत्र को मानने वाले खास सिद्धियों के लिए पूजन करवाते हैं। वैसे होलिका दहन की रात्रि को तंत्र साधना की दृष्टि से हमारे शास्त्रों में महत्वपूर्ण माना गया है। यह रात्रि तंत्र साधना व लक्ष्मी प्राप्ति के साथ खुद पर किए गए तंत्? मंत्र ?? के प्रतिरक्षण के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई है।
अचूक टोटके
- गरीबी दूर करने के लिये एक काला कपडा लें और उसमें काले तिल, 7 लौंग, 3 सुपारी, 50 ग्राम सरसों और किसी स्थान की मिट्टी लेकर एक पोटली बना लें। इसे खुद पर से 7 बार वार लें और होलिका दहन में डालें।
-9 नींबूओं की माला बनाएं और भैरव महाराज को चढ़ाएं।
-बेरोजगार हैं तो होली की रात 12 बजे से पहले एक नींबू लेकर चौराहे पर जाएं और उसके चार टुकड़े कर चारों दिशाओं में फेंक दें। वापिस घर आ जाएं किन्तु ध्यान रहे, वापिस आते समय पीछे मुड़कर न देखें।
– होलिका दहन के बाद जलती अग्नि में नारियल दहन करने से नौकरी की बाधाएं दूर होती हैं।
– लगातार बीमारी से परेशान हैं, तो होलिका दहन के बाद बची राख मरीज के सोने वाले स्थान पर छिड़कने से लाभ मिलता है।
– सफलता प्राप्ति के लिए होलिका दहन स्थल पर नारियल, पान तथा सुपारी भेंट करें।
– गृह क्लेश से निजात पाने और सुख-शांति के लिए होलिका की अग्नि में जौ-आटा चढ़ाएं।
– होलिका दहन के दूसरे दिन राख लेकर उसे चादी। की डिब्बी में पैसों के स्थान पर रखने से बेकार खर्च रुक जाते हैं।
– दांपत्य जीवन में शांति के लिए होली की रात उत्तर दिशा में एक पाट पर सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर मूंग, चने की दाल, चावल, गेहूं, मसूर, काले उड़द एवं तिल के ढेर पर नवग्रह यंत्र स्थापित करें। इसके बाद केसर का तिलक कर घी का दीपक जलाकर पूजन करें।
– बुरी नजर से बचाव के लिए गाय के गोबर में जौ, अरसी और कुश मिलाकर छोटा उपला बना कर इसे घर के मुख्य दरवाजे पर लटका दें।
– उधार की रकम वापस पाने के लिए होलिका दहन स्थल पर अनार की लकड़ी से उसका नाम लिखकर होलिका माता से अपने धन वापसी का निवेदन करते हुए उसके नाम पर हरा गुलाल छिड़कने से लाभ होगा।
– होली की रात 12 बजे किसी पीपल वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाने और सात परिक्रमा करने से सारी बाधाएं दूर होती हैं।





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