आबूरोड. करौली में स्कूल बस से गिरकर एक मासूम की मौत होने की घटना ने हर किसी की नींद उड़ा दी है। जिले की कई बालवाहिनियों पर नजर डाले तो हाल बुरे हैं। ऑटो रिक्शा में बच्चे ओवरलोड भरकर स्कूल जाते हैं, जो खतरे से खाली नहीं है। बालवाहिनियां नियमों का पालन नहीं करती। जल्दी बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचना और स्कूल की छुट्टी होने पर जल्दी उन्हें घर छोडऩे की जल्दबाजी मासूमों के जान पर भारी पड़ रही है। इसी मामले को लेकर परिवहन विभाग की ओर से बुधवार से तीन दिन तक विशेष अभियान चलाकर शहर समेत आस-पास में दौड रही बालवाहिनी की जांच की जाएगी। परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान बसों में अनियमित्ता पाए जाने पर संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
फोरलेन पर दौड़ते है बच्चों से भरें ऑटो
सरूपगंज कोदरला समेत आस-पास के फोरलेन पर ऑटो में छोटे छोटे बच्चों को बैठाकर फर्राटें भरते रोजाना देखे जा सकते है, इन वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को परिवहन किया जा रहा है। ऐसे में फोरलेन पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस बड़ी लापरवाही पर न तो स्कूल संचालक ध्यान दे रहे है और न ही बच्चों के अभिभावक।





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