Breaking News
recent

SIROHI जिले में देशी शराब के 132 समूहों और अंग्रेजी की 23 दुकानों की निकाली लॉटरी , कुछ का भाग्य चमका, अधिकांश लौटे मायूस

सिरोही. जिले में देशी शराब के 132 समूहों और अंग्रेजी की 23 दुकानों की लॉटरी मंगलवार सुबह ग्यारह बजे कलक्टर, एसपी और आबकारी अधिकारी की मौजूदगी में निकाली गई। लॉटरी की प्रक्रिया पुलिस लाइन के पास सामुदायिक भवन में हुई। इस दौरान ऐसे लोगों के नाम भी शराब की दुकानें खुली जिन्होंने कभी शराब की बोतल के हाथ तक नहीं लगाया है। और तो और शराब की दुकानों तक से दूरी बनाते आए हैं। अब चूंकि इनके नाम दुकानें खुली तो इनके चेहरों पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कहते दिखे- 'हमें थोड़े ही दुकान चलानी है, अच्छे दाम देगा उसे दे देंगे।Ó वहीं अधिकांश लोगों के चेहरे पर मायूसी देखी गई। इनमें कुछ तो ऐसे थे जिनके बड़ी संख्या में आवेदन भरने के बाद भी एक भी दुकान की लॉटरी नहीं निकली।

प्रशांत के नाम खुली पहली लॉटरी
सामुदायिक भवन में लॉटरी की शुरुआत अंग्रेजी शराब की दुकानों से की गई। सबसे पहली दुकान प्रशांत के नाम खुली। यहां के लिए 1,755 आवेदन आए थे। इनमें से नौ भाग्यशाली रहे जिनके नाम लॉटरी खुली। यानी 1,746 जनों को निराश लौटना पड़ा। इसके बाद माउंट आबू की पांच दुकानों के लिए लॉटरी निकाली गई। यहां सर्वाधिक 3408 आवेदन में से 3403 आवेदकों को मायूस लौटना पड़ा। फिर शिवगंज की तीन दुकानों के लिए 216 आवेदन आए। इनमें से सिर्फ तीन जनों के नाम दुकानें खुलीं। सिरोही की छह दुकानों के लिए 411 आवेदन मिले। इनमें से 405 आवेदकों को मायूसी हाथ लगी।

दुखिया के घर खुशियां
देशी शराब की दुकानों में सबसे पहले आबूरोड सर्किल की लॉटरी निकली। इसके बाद रेवदर सर्किल की बारी आई। जिले की टॉप मानी जाने वाली मण्डार की दुकान के लिए 652 आवेदन आए लेकिन भाग्य ने रामवतार दुखिया का साथ दिया। उसके घर में खुशियों की झोली भर दी। किस्मत का खेल देखिए कि दर्जनों फॉर्म भरने वालों के हाथ कुछ नहीं लगा।

बॉर्डर की कई दुकानें एकल आवेदकों के नाम
गुजरात सीमा से सटे ठेकों पर सबकी निगाहें रही। यहां अधिकांश दुकानें एकल आवेदन करने वालों के नाम रही। वैसे मण्डार से 652, मावल से 230, जैतावाड़ा से 38, बांट से 65, चनार से 10, पादर से 7 और सोरड़ा से 21 आवेदन जमा हुए। इनमें से अधिकांश में एकल आवेदकों का भाग्य ने साथ दिया।

पुलिस के पुख्ता बंदोबस्त
शराब की दुकानों की लॉटरी के दौरान पुलिस के पुख्ता बंदोबस्त रहे। सर्किट हाउस रोड को बेरिकेडिंग लगाकर बंद किया और दोनों तरफ पुलिस का पहरा बिठा दिया गया। मुख्य रोड से वाहनों की आवाजाही बंद रही। इधर, लॉटरी प्रक्रिया में आबकारी अधिकारी मोहनराम पुनिया, निरीक्षक जीतेन्द्र सिंह सोढ़ा, सोमराज समेत
महकमे के कार्मिकों ने देर रात तक मुस्तैदी से कार्य किया। आवेदकों की भीड़ रही।

उधारी के पैसे से आवेदन भरा और खुल गई दुकान
आबूरोड से एक ऐसे शख्स के नाम लॉटरी निकली जिसने अपने दो रिश्तेदारों से उधारी में 28 हजार रुपए की व्यवस्था कर आवेदन भरा था। नाम नहीं छापने की शर्त पर यह भी कबूला कि वह सुबह रोडवेज बस से सिरोही पहुंचा। उम्मीद इतनी थी कि अपने साथ एक थैली में दोपहर का भोजन (चार रोटी और मिर्ची) तक लेकर पहुंचा था। जब पत्रिका संवाददाता ने उसके मानस को टटोलने का प्रयास किया तो उसे इतनी खुशी महसूस हो रही थी कि उसके जेहन से शब्द तक टूट-टूट कर बाहर निकल रहे थे। भावुक हुए इस युवक को विश्वास ही नहीं हो रहाथा कि उसके दुकान खुल गई है। वह बार-बार आंखें आसमां की तरफ उठाकर मानों भगवान का शुक्रिया अदा कर रहा था। उसने यह भी कहा कि उसे बीती रात बिल्कुल नींद नहीं आई। जब भी नींद लेने का प्रयास करता, सपने में दुकान दिखती। करवट बदल-बदल रात गुजारी।

इनके नाम खुली अंग्रेजी शराब की दुकानें
आबूरोड : प्रशांत, रंजन मीना, बसन्ती मेनारिया, किशन लाल, सन्तोष सैनी, राम प्रवीण चौबे, दीपक कुमार, दीपक कुमार जैसवाल, पूजा
माउंट आबू : लतीफ , पूजा शुक्ला, हुकुम सिंह राठौर,विशाल पंचोली, जसवंतसिंह
सिरोही : हर्षवर्धन कंवर, दिलीप सिंह गहलोत, सुमन चौधरी, संजू देवी, प्रजापति मनीषा, महेंद्र मेवाड़ा
शिवगंज : ईश्वरसिंह राव, चामुंडा प्रभातसिंह, रंजना मीना



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.