सिरोही. जिला मुख्यालय पर स्थित जिले के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सालय परिसर में शनिवार को दो स्त्री रोग विशेषज्ञों के बीच 'अहमÓ आड़े आ गया। महिला मरीज को छुट्टी दिए जाने के बाद मामला यहां तक पहुंच गया कि दोनों चिकित्सकों के बीच तू-तू, मैं-मैं की नौबत आ गई!
ऐसे समझें मामले को...
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि यहां जनाना अस्पताल में 70 बैड हैं। इनको तीन वार्डों में बांटा गया है। एक वार्ड में तीस बैड हंै और उनकी इंचार्ज है डॉ. ऊषा चौहान। दूसरे वार्ड में बीस बैड हैं और इसकी जिम्मेदारी है डॉ. निहालसिंह मीणा के पास। बीस बैड अलग से हैं जहां जरूरत पडऩे पर उपयोग करते हैं। यहां दो दिन पहले डॉ. निहालसिंह ने गर्भवती महिला को जांच के बाद भर्ती किया। उनके वार्ड में जगह नहीं होने के कारण दूसरे वार्ड में मरीज को बैड दिया गया। उस दिन उस वार्ड की इंचार्ज डॉ.ऊषा चौहान अवकाश पर थीं। अवकाश के बाद जब वह लौटीं तो उन्होंने उस मरीज को छुट्टी दे दी। इसकी भनक जब डॉ. निहाल को लगी तो उन्होंने इसका कारण पूछ लिया और इसके बाद विवाद बढ़ गया। दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं तक की नौबत आ गई।
डॉ. निहाल सरासर झूठ बोल रहे हैं। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मेरे लिए मरीजों का हित सर्वोपरि है और इसे ही मैं हमेशा प्राथमिकता देती हूं। पेशेन्ट बिल्कुल स्वस्थ थी और 48 घंटे पूरे हो गए थे। इसलिए मैंने छुट्टी दी। मैंने कभी किसी से दुव्र्यवहार नहीं किया। डॉ. निहाल इस तरह का माहौल पहले भी बनाते रहे हैं। इसका सबको पता है। पहले भी मैंने इसकी पीएमओ से भी शिकायत कर रखी है।
-डॉ. ऊषा चौहान, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, सिरोही
डॉक्टर ऊषाजी ने मेरे साथ दुव्र्यवहार किया। उन्होंने 48 घंटे से पहले ही मेरे पेशेन्ट को छुट्टी दे दी। मैंने जब उनसे पूछा कि आपने मेरे पेशेन्ट को छुट्टी कैसे दे दी तो उन्होंने कहा कि मैं वार्ड की इंचार्ज हूं। तू मेरा जूनियर है। तुम होते कौन हो मुझे पूछने वाले। मेरी मर्जी होगी वैसा करूंगी। तुम चाहो तो इन्हें कहीं भी सुला दो। यहां तो मेरा ही राज चलेगा।
-डॉ. निहालसिंह मीणा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सिरोही
पीएमओ बोले-दोनों चिकित्सकों को समझाया
इस मामले को लेकर कलक्टर साहब का भी फोन आया था। मैंने दोनों चिकित्सकों को बुलाकर ताकीद कर दिया है कि मरीज के हित को देखते हुए कार्य करें। कभी विवाद वाली स्थिति नहीं बननी चाहिए। दोनों को सख्त हिदायत देते हुए लेटर भी दिए हैं। इसमें दोनों की गाइड-लाइन तय की है। यदि कोई वार्ड भरा हुआ है और मरीज को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना है तो वहां के इंचार्ज को सूचना जरूर दें। कभी भी विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए। किसी को अहम नहीं रखना चाहिए।
-डॉ. दर्शन ग्रोवर, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय, सिरोही





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