आबूरोड. प्रदेश में रविवार शाम को आचार संहिता लगते ही निकाय समेत पंचायती राज के अधिकारी चुनाव हरकत में आ गए है। राजस्थान में लोक सभा चुनावी तारीखों की घोषणा और आचार सहिंता लगने के साथ ही इसका असर दिखना शुरू हो गया है। आबूरोड शहर समेत आस-पास में लगे राजनैतिक दलों को होर्डिंग, बैनर हटाए जा रहे हैं। जिले के आला अधिकारियों ने आचार संहिता लगते ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
अधिकारी आए हरकत में
चुनाव आयोग के आदेशों के बाद जिले के आलाधिकारी हरकत में आ गए हैं। नगरपालिका के सहयोग से तमाम राजनीतिक दलों के शहर भर में लगे हुए होर्डिंग, बैनर, पोस्टरों को हटाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत सोमवार को नगर पालिका से की गई है। पालिका से लेकर अलग अलग स्थानों पर लगे इन प्रचार प्रसार बैनरों को हटाने का कार्य शुरु कर दिया है। पालिका की टीम ने चौराहा, व ख्म्बों पर लगे फ्लैक्स हटाए गए।
दीवारों को पोतेंगे
नगर पालिका के ईओ सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि पालिका की ओर से एक दो दिन में शहर की दीवारों पर अंकित राजनीतिक संदेश व सरकारी योजनाओं के विज्ञापनों जो सरकारी भवनों से लेकर अन्य सार्वजनिक स्थलों, बाउंड्रीवॉल में अंकित संदेशों की रंग से पुताई करवाई जाएगी।
आचार संहिता लगने के बावजूद दूसरे दिन भी लगा रहा राजनीतिक होर्डिंग
आबूरोड. चुनाव आयोग की ओर से रविवार शाम को आचार संहिता लागू करने के चौबीस घंटे बाद भी नहीं हटाया गया।
एक तरफ आचार संहिता लगने के साथही नगरपालिका क्षेत्र में पालिका की ओर से राजनीतिक प्रचार करते बोर्ड व होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई सोमवार सुबह ही शुरू करवा दी गई थी, वहीं अन्य विभाग भी अपने-अपने क्षेत्र से इन बोर्ड व होर्डिंग्स को हटाने में जुट गए। ग्रामीण क्षेत्रकी बात करें तो यहां पंचायतों के माध्यम से यह कार्य करवाने की जिम्मेदारी पंचायत समिति की ही है, लेकिन सम्बोधित विभागीय अधिकारी परिसर में आचार संहिता के चौबीस घंटे बाद भी अपने कार्यालय परिसर में लगा बोर्ड ही समय पर नहीं हटवा सके हैं, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में लगे बोर्ड व होर्डिंग्स का अनुमान लगाया जा सकता है।सोमवार शाम तक मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग का होर्डिंग लगा नजर आया, जिसमें मुख्यमंत्री व विभागीय मंत्री की तस्वीर साफ दिखाई दे रही थी।





No comments:
Post a Comment