कांग्रेस सरकार की ओर से ऋणमाफी शिविर लगाए जा रहे हैं। ऐसे ही एक शिविर में हंगामा हो गया। दी अलवर को-ऑपरेटिव ग्रामसेवा सहकारी सीमित मांढ़ण में गुरुवार को दुबारा ऋणमाफी शिविर शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। शिविर शुरू होने से पहले ही हंगामा कर ग्रामीणों ने पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दिया और भ्रष्टाचार की जांच की मांग करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि सहकारी समिति में खुले खातों में सचिव जोगेंद्र यादव बड़े घपले कर लाखों रुपए डकार गए। जब तक खातों की जांच नहीं होती तब तक मांढण में ऋणमाफी शिविर नहीं लगने दिया जाएगा। गुरुवार सुबह शिविर शुरू होते ही सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे और सचिव पर घपले की जांच की मांग करने लगे। देखते ही देखते हंगामा इतना बढ़ गया कि बात सचिव जोगेंद्र यादव के साथ हाथापाई तक पहुंच गई। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ तो ग्रामीणों ने शिविर का बहिष्कार कर सचिव के खिलाफ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और शिविर का नहीं लगने दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव की लापरवाही से आज तक नोड्यूज नहीं दिए जा रहे हैं। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हम सहकारी समिति से कम रुपए ब्याज पर ले रहे, लेकिन अब सरकार ने ऋण माफ किया तो पांच-दस हजार रुपए अधिक लेने का रिकॉर्ड आ रहा है। इससे प्रतीत होता है कि सचिव ने लगभग सभी खातों में घपले कर रखे हैं। जब तक इसकी जांच नहीं होती है और सचिव के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, कस्बे में ऋणमाफी शिविर नहीं लगने दिया जाएगा।
अफसरों को जमकर सुनाए खरी-खोटी
ऋणमाफी शिविर में आए अफसर व कर्मचारियों को ग्रामीणों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई और खातों में घपले की जांच की मांग करने लगे।
सचिव से हाथापाई की नौबत
शिविर में जब ग्रामीणों ने खातों में हुए घपले की जांच की मांग की तो सचिव ने इस बात से इंकार किया।
लगातार दूसरी बार ऋणमाफी शिविर का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया है। ग्रामीण खातों की जांच की मांग कर रहे हंै।
ज्योति सैनी, सरपंच मांढ़ण
ग्रामीणों के खातों में रुपए नहीं डलने से हंगामा कर शिविर नहीं लगने दिया। अब आगे से नई तारीख मिलने के बाद शिविर लगाया जाएगा।
ललित कुमार, शिविर प्रभारी
स्वास्थ्य खराब होनेे से डॉ. को दिखाने मैं जयपुर आया हूं। मुझे शिविर के बहिष्कार की जानकारी नहीं है।
सुनील यादव, अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति, मांढ़ण





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