सिरोही. महाशिवरात्रि का पर्व सोमवार को होने से इसका महत्व कई गुना हो गया है। दस वर्ष बाद सोमवार को शिवरात्रि होने और तीन योग में महाशिवरात्रि मनेगी। मंदिर में कई अनुष्ठान होंगे। सर्वार्थ सिद्धि व शिव योग में महाशिवरात्रि मनेगी। महाशिवरात्रि पर्व के लिए रात्रिकालीन चुतर्दशी तिथि, महानिशिथ काल एवं प्रदोष का संयोग अनिवार्य माना जाता है जो कि 4 मार्च को ही बन रहा है। ज्योतिष एवं भविष्यवक्ता अशोक एम पंडीत ने बताया कि इस दिन महाशिवरात्रि पर्व मनाना शास्त्र सम्मत है। सोमवार को महाशिवरात्रि होने से इसका महत्व बढ़ गया है। सोमवार का संबंध भगवान शिव व उनके सिर पर विराजित चंद्रमा से है। इसलिए इसे सोमनाथ दिवस भी कहते हैं। इस दिन श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग भी बन रहा है। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा है। इससे शिवजी की पूजा बहुत शुभफलदायी मानी जाती है। इस दिन शिव योग भी बन रहा है। मोक्ष की चाहत रखने वाले जातों के लिए शिव योग में शिवरात्रि पर्व बहुत अच्छा है। सोमवार को सुबह से दोपहर तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है।
व्रत करने का है विधान
महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा व आस्था का पर्व है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए दूध, आंक व धतूरे से पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत करते हैं, घरों में बथूए का रायता, कूटु की पकौडी, गाजर का हलवा,आलू का हलवा, सिंघाडे का हलवा सहित अन्य व्यंजन बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है।
शिव व पार्वती का हुआ था विवाह
प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की चर्तुदशी को शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है, लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चर्तुदशी को आने वाली महाशिवरात्रि सबसे ज्यादा महत्व रखती है। पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था। भगवान शिव जगत के पिता है और माता पार्वती को जननी माना गया है। इसलिए माता पिता की पूजा कर उनका आशीर्वाद लेने का सबसे अच्छा अवसर होता है।
दूर होंगी सभी समस्याएं
अगर जीवन में धन संबंधी परेशानी चल रही है या स्वास्थ्य के लिए चिंतित हैं तो महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करके उनसे धन और आयु वृद्घि का आशीर्वाद दिलाने वाले इन उपायों को आजमा सकते हैं।
- इस दिन सुबह, दोपहर, शाम और रात इन चारों प्रहर में रुद्राष्टाध्यायी पाठ के साथ भगवान शिव का अलग-अलग पदार्थों जैसे दूध, गंगाजल, शहद, दही या घी से अभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
- अगर आप रुद्राष्टाध्यायी का पाठ नहीं कर पाते हैं तब शिव षडक्षरी मंत्र ओम नम शिवाय का जप करते हुए भी शिव जी का अभिषेक कर सकते हैं।
- धन एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जो लोग गुजर रहे हैं उन्हें छह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग से स्पर्श करवाकर इस रुद्राक्ष को धारण करने से इसका प्रभाव जल्दी दिखने लगता है।
- महाशिवरात्रि के दिन घर में शिवलिंग स्थापित करें और नियमित इसकी पूजा करें तो घर से सारे नकारात्मक प्रभाव दूर जाएंगे। इससे धन और सुख में आने वाली बाधा दूर होगी।
सिरोही. शिवरात्रि पर्व पर सोमवार को जिलेभर में धूम धाम से मनाया जाएगा। इसके पूर्व में सभी शिव मंदिरों को विशेष रोशनी से सजाया गया है। दिनभर शिवमंदिरों में भक्तों की कतार लगी रहेगी। रात को जलाभिषेक होगा। समीप सारणेश्वर में महाशिवरात्रिके अवसर पर सवा लाख कलश से जलाभिषेक होगा। यहा हर साल रात को जलाभिषेक का आयोजन होता है, जिसमें शहर समेत आस-पास के शिवभक्त शाम होते ही सारणेश्वर पहुंच जाते है, रात होते ही मंदिर में ऊ नमो शिवाय की धून से शुभ मुहूूर्त में जलाभिषेक होता है।





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