पाली. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रारम्भिक में सोमवार सुबह ग्यारह बजे बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष बैग कंधों पर टांगे कतार में खड़े थे। कुछ ऐसे भी थे जो कार्यालय परिसर में ही टहल रहे थे। जिला शिक्षा अधिकारी व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी के कक्ष तक जाने के लिए तो जगह तक नहीं थी। हम भी जैसे-तैसे उन महिलाओं व पुरुषों से थोड़ा सरकने का कहते हुए अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी के कक्ष के सामने तक पहुंचे और कतार लगाए लोगों से पूछा क्या बात है आप लोग क्यूं खड़े है, इस पर जवाब मिला हम हस्ताक्षर करने आए है। लेवल दो के अध्यापक है और अन्य जिलों से हमे यहां भेजा गया है, लेकिन आचार संहिता लगने के कारण स्कूल में ज्वाइनिंग नहीं मिली। इस कारण रोजाना यहां हस्ताक्षर करने के लिए आते हैं।
रोजाना कर रही हूं अपडाउन
वहां खड़ी एक शिक्षिका से पूछा वे कितने दिन से हस्ताक्षर करने आ रही है तो जवाब मिला पिछले सात दिन से आ रही हूं। रोजाना नागौर से सुबह रवाना होकर दस बजे कार्यालय आती हूं और हस्ताक्षर कर वापस नागौर जाती हूं। हनुमानगढ़ की एक शिक्षिका का कहना था मैं पिछले छह दिन से अपने भाई के साथ यहां धर्मशाला में रह रही हूं। अभी पता नहीं कितने दिन रुकना होगा। जबकि एक शिक्षक बोले हमने किसी स्कूल में भेज दिजिए कम से कम काम तो करेंगे।
फिर लौट गए...
शिक्षकों के करीब बारह बजे तक इंतजार करने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उनके हस्ताक्षर करवाने की प्रक्रिया शुरू करवाई। इसके बाद एक-एक कर शिक्षकों ने हस्ताक्षर किए और फिर धर्मशाला या फिर से गांव या अपने घर जाने के लिए रवाना हो गए।
यूं पहुंचे शिक्षक
लेवल दो के इन शिक्षकों को पूर्व में मेरीट के आधार पर नियुक्ति दे दी गई थी। इसके बाद वापस मेरीट तैयार होने पर इनका स्थान बदलने के साथ जिला भी बदल गया। अब ये 263 शिक्षक पाली पहुंचे है। जो पहले से नियुक्त है, लेकिन स्कूल आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।
अस्थाई तौर पर लगाया
शिक्षक रोजाना जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आकर हाजिरी लगा रहे थे। इन शिक्षकों को अस्थाई रूप से शैक्षिणिक व्यवस्था के तहत जिले के रिक्त पदों वाले स्कूलों में लगाया गया है। इनको स्थायी नियुक्ति के आदेश बाद में दिए जाएंगे।
जगदीशचन्द्र राठौड़, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय, पाली





No comments:
Post a Comment