जैसलमेर/पोकरण. भीषण गर्मी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रोंं में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो लगी है, लेकिन इस पेयजल संकट पर भी अवैध कनेक्शन की समस्या भारी पड़ रही है। जिन्हें हटाने के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियोंं व कर्मचारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि अधिकारी व कर्मचारी कनेक्शन काटने का अभियान चला रहे है। क्षेत्र में रसूखदारों व प्रभावशाली लोगों की ओर से जगह-जगह अवैध कनेक्शन किए गए है। यहां जलदाय विभाग की ओर से कनेक्शन काटने के कुछ देर बाद ही कनेक्शन पुन: जोड़ दिया जाता है। जिससे अंतिम छोर तक नियमित व पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पाती है और विशेष रूप से भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में ग्रामीण ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाने को मजबूर है। जबकि प्रभावशाली लोग अवैध कनेक्शन कर पानी का दुरुपयोग भी कर रहे है।
अवैध कनेक्शनों की बाढ़
भीषण गर्मी के मौसम में विशेष रूप से फलसूण्ड क्षेत्र में विभिन्न पाइपलाइनों पर अवैध कनेक्शनों की बाढ़ सी आ जाती है। राजमथाई से फलसूण्ड राइजिंग लाइन, फलसूण्ड से श्यामपुरा, गोमाणी कुम्हारों की ढाणी सहित अन्य पाइपलाइनों पर बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन होने के कारण अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे पेयजल संकट के हालात हो रहे है। इसी को लेकर जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता भूराराम धणदे की ओर से गत एक माह से अभियान चलाकर अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। उनकी ओर से गत एक माह में विभिन्न पाइपलाइनों पर किए गए 90 अवैध कनेक्शन हटाकर जीएलआरों में जलापूर्ति शुरू की गई है।
अधिकारी बोले- समस्या है अवैध कनेक्शन
कनिष्ठ अभियंता भूराराम धणदे ने बताया कि फलसूण्ड व राजमथाई क्षेत्र में अवैध कनेक्शनों के चलते हालात खराब है। उन्होंने बताया कि जलप्रदाय योजनाओं में यदि एक लाख गैलन पानी की आपूर्ति की जाती है, तो 90 हजार गैलन पानी लाइनों में ही गुम हो जाता है तथा 10 हजार गैलन पानी जीएलआरों तक पहुंच पाता है। उन्होंने बताया कि राजमथाई से स्वामीजी की ढाणी तक छह इंच की राइजिंग पाइपलाइन लगी हुई है। जिसमें राजमथाई से कई बार पानी खोला गया, लेकिन वह स्वामीजी की ढाणी तक नहीं पहुंच पाया। जिस पर शुक्रवार को इस लाइन की जांच की गई। इस दौरान इस 6 इंच की पाइपलाइन पर 3 इंच का अवैध कनेक्शन पाया गया। पाइपलाइन के किनारे स्थित एक किसान के खेत में अनार की खेती की सिंचाई की जा रही थी। जिस पर तत्काल पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन हटाया गया। उन्होंंने किसान को पुन: कनेक्शन नहीं करने के लिए भी पाबंद किया। भविष्य में पुन: कनेक्शन करने पर उसके विरुद्ध पुलिस में मामला भी दर्ज करवाया जाएगा।
हटाए जाएंगे सभी अवैध कनेक्शन
क्षेत्र में एक तरफ जीएलआरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है,जबकि बड़ी-बड़ी पाइपलाइनों पर अवैध कनेक्शन किए गए है। विभाग की ओर से अभियान चलाकर अवैध कनेक्शन काटे जा रहे है। अवैध कनेक्शन करने वालों को पुन: कनेक्शन नहीं करने के लिए समझाइश कर हिदायत दी जा रही है। उसके बावजूद भी उनकी ओर से अवैध कनेक्शन पुन: किए जाते है, तो विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-सुशीलकुमार कश्यप, अधिशासी अभियंता जलदाय विभाग, पोकरण।





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