मुकेश शर्मा / जयपुर। प्रदेश में जहां छात्र—छात्राओं की सुसाइड घटनाओं में कोटा सबसे आगे हैं। वहीं अब राजधानी जयपुर में भी छात्र—छात्राओं की आत्महत्या का ग्राफ बढ़ने लगा है। मात्र पिछले दस दिन में ही शहर के एक ही कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं ने सुसाइड कर लिया। इनमें एक छात्रा ने कॉलेज हॉस्टल में आत्महत्या की, वहीं दूसरी ने पीजी हॉस्टल में फंदा लगा अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
पुलिस के अनुसार विद्याधर नगर स्थित निजी कॉलेज में पढऩे वाली एक बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा ने पीजी हॉस्टल में फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। पुलिस ने मंगलवार को कांवटिया अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया और मामले की जांच कर रही है।
आत्महत्या करने वाली रीना बारिया (21) मूलत: झालावाड़ निवासी शिक्षक राजेन्द्र बारिया की छोटी बेटी थी और यहां विद्याधर नगर की जेपी कॉलोनी में पीजी हॉस्टल में रह रही थी। पुलिस ने बताया कि वह कुछ दिन पहले ही वह घर से जयपुर लौटी थी। दो तीन दिन सहेली के पास ठहरकर रविवार को अपने पीजी हॉस्टल पहुंची थी। सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे हॉस्टल में भूतल पर बने कमरे में रहने वाली सहेली प्रथम मंजिल पर रीना के पास पहुंची, लेकिन रीना के कमरे की अंदर से कुंदी बंद थी। दरवाजा खटखटाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया। सहेली ने अन्य लोगों को बताया। गेट की कुंदी तोड़ अंदर गए तो पंखे से बंधी चुन्नी से रीना लटकी थी।
सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। रीना के कमरे में भी सुसाइड नोट नहीं मिला। गौरतलब है कि 24 मार्च को सीकर के श्रीमाधोपुर निवासी नर्सिंग फस्ट इयर की छात्रा नंदनी सोनी (19) ने कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली थी। तब भी पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला था। नंदनी और रीना, दोनों एक ही निजी कॉलेज में पढ़ रही थीं।





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