जैसलमेर/लाठी. लाठी गांव में जगह-जगह निर्मित जीएलआरों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण उनमें कचरा व गंदगी जमा पड़ी है। जीएलआर पर अंकित सफाई की तिथि पर नजर डालें, तो गत 10 वर्षों से इनकी सफाई नहीं हुई है। जबकि जलदाय विभाग के नियमों के अनुसार प्रत्येक छह माह में एक बार सफाई करने का नियम है। गांव के मुस्लिम पाड़ा, दर्जियों का मोहल्ला, नाइयों का मोहल्ला, भाटियों का मोहल्ला, मेघवंशी मोहल्ले सहित अन्य जगहों पर पेयजल सुविधा के लिए जलदाय विभाग की ओर से अलग-अलग जीएलआर का निर्माण करवाया गया है। इन जीएलआरों पर गत 10 वर्ष पुरानी सफाई की तिथि अंकित है। 10 वर्षों से सफाई नहीं होने के कारण जीएलआरोंं में कचरा व गंदगी जमा पड़ी है। ऐसे में ग्रामीणों को दुषित पानी पीना पड़ रहा है। बावजूद इसके जलदाय विभाग की ओर से जीएलआरों की सफाई करवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गर्मी में बढऩे लगा पेयजल संकट
रामदेवरा. क्षेत्र में भीषण गर्मी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के हालात उत्पन्न होने लगे है। जिससे आमजन को परेशानी हो रही है । गौरतलब है कि क्षेत्र में भीषण गर्मी के साथ पानी की खपत व मांग बढ़ गई है, लेकिन ग्र्रामीण क्षेत्रों में समय पर जलापूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। गांव के रेलवे स्टेशन के आसपास बस्ती में नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर जलापूर्ति नहीं होने से मवेशी को पेयजल के लिए जंगलों में भटकना पड़ रहा है। बावजूद इसके जलदाय विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गौरतलब है कि क्षेत्र में भीषण गर्मी के साथ पानी की खपत व मांग बढ़ गई है।





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