बीकानेर. इन दिनों महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की परीक्षाएं चल रही है। जिसमें बीकानेर संभाग के १५२ सेंटरों पर अब तक करीब ३७ दिनों में करीब १४० नकल के प्रकरण पकड़े गए। जो पिछले साल की तुलना में कुछ ज्यादा है। हालांकि पिछले साल करीब १५० नकल प्रकरण पकड़े गए थे, लेकिन अभी विश्वविद्यालय की परीक्षाएं ११ अप्रेल तक चलेंगी। मंगलवार तक करीब १४० नकल के प्रकरण पकड़े गए हैं। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की परीक्षाएं २५ फरवरी से शुरू हुई थी। इनमें बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ तथा चूरू की कई कॉलेजों में नकल के प्रकरण सामने आए हैं।
इन परीक्षाओं के लिए विवि व कॉलेज प्रशासन की ओर से फ्लाइंग दल, सीसीटीवी कैमरे सहित कई तरह के इंतजाम किए जाते हैं। विवि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए यूएम कमेटी गठित होती है जो नकल के प्रकरणों को देखती है। इससे पहले नकल के प्रकरण को कॉलेज प्रशासन अपने स्तर पर जांच करवाता है और उसकी रिपोर्ट यूएम कमेटी को भेजता है। फिर यूएम कमेटी भी इन रिपोर्ट की जांच के अलावा स्वयं भी जांच करती है। उसके बाद दोनों की रिपोर्ट आने के बाद ही निर्णय लिया जाता है।
यह है सजा का प्रावधान
यूएम कमेटी की ओर से निर्णय के बाद विद्यार्थी को सजा देने का निर्णय लिया जाता है। जिसमें विद्यार्थी का पूरा एग्जाम ही निरस्त होना या एक पेपर ही निरस्त होना। पूरा एग्जाम निरस्त होने से विद्यार्थी को इस सत्र कोई भी परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाती है वह अगले सत्र से इनका एग्जाम देता है।
इनका कहना है
अब तक १४० नकल के प्रकरण पकड़े गए हैं। इसके लिए एक कमेटी बैठाई जाएगी। जो इन नकल के प्रकरणों को देखकर उन्हें सजा या पेपर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
जसवंतसिंह खीचड़, परीक्षा नियंत्रक, एमजीएसयू बीकानेर।





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