अश्विनी भदौरिया/जयपुर. जिस द्रव्यवती नदी का सौंदर्यीकरण कर शहर के कायाकल्प करने की बात कही जा रही थी, उसका काम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब भी 10 से 15 फीसदी तक काम बकाया है। बुधवार को टाइमलाइन पूरी होगी, लेकिन जेडीए अब तक संबंधित फर्म से काम पूरा नहीं करवा पाया है। हालांकि जेडीए अधिकारी इस काम को जून के अंत तक काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं। दो अक्टूबर, 2018 से अब तक चार बार नदी के काम को पूरा करने की समयावधि बढ़ाई जा चुकी है।
पत्रिका की टीम द्रव्यवती नदी के निर्माण कार्य को देखने पहुंची। कई जगह निर्माण कार्य होता हुआ दिखाई दिया। मानसरोवर में लैंडस्कैप पार्क के आस-पास जरूर व्यवस्था ठीक दिखी, लेकिन बाकी जगह हाल खराब ही दिखाई दिया। कई जगह पानी तक ठहरा हुआ मिला। उद्घाटन के समय बर्ड पार्क में दो छोटे-छोट पॉन्ड बनाए गए थे। मंगलवार को किसी में पानी नहीं था।
दावा: 85-90 फीसदी तक काम पूरा हो चुका
हकीकत: बर्ड पार्क जिसका उद्घाटन हुए चार-पांच माह हो चुके हैं, वहां भी निर्माण कार्य चलता मिला। यही हाल अन्य जगहों पर भी था।
दावा: एसटीपी चालू करने के बाद नदी में पानी बहेगा
हक ीकत: हसनपुरा, शंकर नगर, सांगानेर पुलिया के आस-पास पानी तो दिखा, लेकिन ठहरा हुआ। एक दो जगह तो पानी से बदबू तक आ रही थी।
दावा: काम पूरा होने के बाद यहां पर लोग घूमेंगे
हकीकत: लैंडस्केप पार्क के अलावा कुछेक लोग बर्ड पार्क पहुंचते हैं। नदी किनारे बने ट्रैक पर शायद ही कोई वॉक करने जाता हो।
कहां कैसे मिले हालात
स्थान: पुरानी चुंगी
स्थिति: हसनपुरा के ओर वाले हिस्से में काम जारी। उद्घाटन हो चुका, वहां भी पानी ठहरा हुआ था।
स्थान: पानीपेच
स्थिति : बर्ड पार्क में पानी की कमी थी। किनारों पर निर्माण जारी था। नदी का एक हिस्सा सूखा था।
स्थान : हसनपुरा
स्थिति : ठहरे हुए गंदे पानी में बच्चे नहा रहे थे। किनारों पर अवैध कब्जे हो रहे थे। काम अधूरा था।
स्थान : बीटू बायपास
स्थिति : यहां पर भी स्थिति ठीक नहीं थी। किनारों की दीवार पर न तो जालियां लगी थी और न ही टाइलें। एक दो जगह घास लगाकर काम को पूरा दिखाने का प्रयास किया जा रहा था।
स्थान : सांगानेर पुलिया
स्थिति : उद्घाटन 16 किमी में हो चुका है लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है। यहां जो पानी ठहरा हुआ था। उसमें बदबू तक आ रही थी।
(इन जगहों पर लोगों से बातचीत हुई तो अधिकतर का कहना है कि अभी यह नदी का रूप नहीं ले पाई है। नाले जैसी ही स्थिति है। इसके नदी बनने का इंतजार है।)
5 एसटीपी, 4 चालू!
जेडीए की मानें तो 5 एसटीपी में से 4 चालू हैं। 20 अप्रेल तक गोनेर में भी एसटीपी चालू हो जाएगा। बस्सी, देवरी, तरूछाया नगर और बम्वाला की एसटीपी चालू होने का दावा जेडीए ने किया है। लेकिन जिस तरह का पानी नदी में है, उसको देखकर लगता नहीं है कि ये चारो एसटीपी नियमित रूप से चल रहे हैं।
पनपेंगे मच्छर, बढ़ेगी दिक्कत
यदि पानी ठहरा हुआ तो मच्छरों के अंडे देने की संभावना बढ़ जाती है। आस-पास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। यदि इस ठहरे हुए पानी में सल्फर डाइ ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइ आक्साइड से रिएक्शन हो जाता है तो सांस संबंधी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। यह रिएक्शन सीवर के पानी में आने से होता है।
डॉ. नरेंद्र खिप्पल, श्वास एवं क्षय रोग विशेषज्ञ, एसएमएस अस्पताल
जल्द पूरा करेंगे काम
निर्माण कार्य चल रहा है। करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जल्द ही काम को पूरा कर लिया जाएगा।
टी. रविकांत, जेडीसी





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