वर्ष 1857 की क्रांति के सूत्रधार मंगल पांडे की पुण्यतिथि सोमवार को ब्राह्मण धर्मशाला में मनाई गई । इस अवसर पर मंगल पांडे के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई । वर्ष 1857 की क्रांति के इस पुरोधा को स्मरण करने के लिए शहर वासियों में उत्साह देखते ही बनता था। धर्मशाला परिसर में लोगों ने मंगल पांडे के जयघोष लगाकर उन्हें याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1857 की क्रांति के महानायक मंगल पांडे को वर्ष 1857 में आठ अप्रेल के दिन बैरकपुर में फांसी पर लटका दिया गया था । उनकी शहादत के 90 वर्ष बाद देश को आजादी मिली थी ।
वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वालों के जीवन को याद करना वर्तमान समय में आवश्यक है । इस अवसर पर मदन ओझा, महावीर भोजक, गोपीराम शर्मा, जितेंद्र शर्मा, जयपाल, पवन भोजक, नथमल दायमा, संजय भोजक, लालचन्द, महेश, विनोद सारस्वत, व महावीर बेनीवाल उपस्थित रहे ।





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