फर्जी अंकतालिका से 18 साल तक की डाकपाल की नौकरी
धौलपुर. फर्जी अंकतालिका के आधार पर डाकपाल की नौकरी पाने वाले एक जने को कोतवाली थाना पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। वह विगत 18 वर्ष से डाकपाल की नौकरी कर रहा था। आरोपित महेन्द्र सिंह पुत्र मूलाराम गुर्जर निवासी उमरेड वैर है। कोतवाली थाना प्रभारी एनके मीणा ने बताया कि आरोपित बयाना में डाकपाल के पद पर कार्यरत था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 में धौलपुर में डाकपाल के एक पद के लिए जगह निकली थी। जिसमें दसवीं पास अभ्यर्थी का मेरिट के आधार पर चयन होना था। आरोपित के दसवीं कक्षा में अंकतालिका में 49 प्रतिशत अंक थे। आरोपी ने मार्कशीट में फर्जी तरीके से 59 प्रतिशत अंक कर लिए। जिसके आधार पर उसका चयन हो गया। इस सम्बंध में 27 अपे्रल 2018 को परिवार के ही सदस्य सत्तो पुत्र महेन्द्र सिंह गुर्जर निवासी कल्लेका नंगला ने थाना बयाना में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें फर्जी अंकतालिका से नौकरी करने की बात कही गई। चूंकि मामला धौलपुर का था। इस कारण प्रकरण धौलपुर कोतवाली थाने भेज दिया गया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जांच कराई। वहां से मंगाए गए दस्तावेजों के आधार पर मामला फर्जी निकला। जिस पर आरोपी को गुरुवार को कोतवाली थाना पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया।





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