Breaking News
recent

झुंझुनूं में ऐतिहासिक था 1971 का चुनाव, जब नामी उद्योगपति बिरला को हराया था गांव के किसान ने

झुंझुनूं। ऐसे तो हर चुनाव की अपनी अलग यादें और अविस्मरणीय प्रसंग होते हैं, लेकिन 1971 का चुनाव झुंझुनूं के लिहाज से अपने-आप में ऐतिहासिक था। यहां मुकाबला देश के नामी उद्योगपति बिरला घराने के केके बिरला व किसान शिवनाथ सिंह गिल के बीच हुआ, जिसमें बिरला को करारी हार का सामना करना पड़ा। बिरला की हार देशभर में सुर्खियां बन गई थी।

 

झुंझुनूं लोकसभा सीट से 1952 से 1962 तक के चुनाव में लगातार कांग्रेस के राधेश्याम आर. मोरारका तीन बार जीते। चौथे चुनाव में वे हार गए। इसके बाद पांचवें चुनाव (1971) में कांग्रेस ने पहली बार मोरारका की जगह शिवनाथ सिंह गिल को अपना प्रत्याशी बनाया। गिल मूल रूप से उदयपुरवाटी उपखंड की गिलों की ढाणी के रहने वाले थे। पिलानी में जन्मे केके बिरला के पिता घनश्यामदास बिरला की गिनती उस समय देश के शीर्ष उद्योगपतियों में होती थी। वे महात्मा गांधी के भी करीबी थे। बिरला स्वतंत्र पार्टी (एसडब्लूए) के टिकट पर चुनाव मैदान में थे। पूरे देश की नजर झुंझुनूं के इस चुनाव के परिणामों पर थी।

 

इस चुनाव में शिवनाथ सिंह की चुनाव प्रभारी थीं तत्कालीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री सुमित्रा सिंह। नौ बार विधायक रहीं सुमित्रा सिंह ने बताया, चुनाव ऐतिहासिक था। बिरला ने चुनाव प्रचार के लिए काफी पैसा खर्च किया था, लेकिन उस समय देशभर में एक ही नारा था 'इंदिरा गांधी आई है, नई रोशनी लाई है'। लोगों में जुनून था। किसान व उद्योगपति की इस ऐतिहासिक टक्कर में किसानों ने एकजुटता दिखाई, और जीत शिवनाथ सिंह की हुई।

 

फिर गिल नहीं पहुंचे संसद, पर बिरला 18 साल रहे सांसद
गिल पर जनता ने जो विश्वास किया, उस पर वह ज्यादा खरे नहीं उतरे। अगले ही चुनाव में (1977) करीब 1,06,783 मतों पर सिमट गए। 1971 के चुनाव की तुलना में आधे वोट भी गिल को नहीं आए। इसके बाद वे कभी सांसद नहीं बने। 1977 के चुनाव में गिल को भारतीय लोक दल के कन्हैयालाल से 1,26,951 मतों से हार का सामना करना पड़ा। अपने गृह जिले में हार के बाद उद्योगपति केके बिरला 1984 से 2002 तक लगातार तीन बार अठारह वर्ष तक राज्यसभा सांसद रहे। जिले में जब-जब लोकसभा चुनाव होते हैं, लोगों की जुबां पर 1971 के चुनाव की चर्चा होती ही है।

 

करीब एक लाख मतों का रहा था अंतर
कुल प्रत्याशी 9
मत मिले
शिवनाथ सिंह, कांग्रेस—2,23,286
केके बिरला, एसडब्लूए—1,24,337
मतदान— 63.02 प्रतिशत
जीत का अंतर— 98,949



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.