विकास जैन / जयपुर। राज्य के सरकारी अस्पतालों में एक तरफ तो डॉक्टरों की भारी कमी है और सैकड़ों अस्पताल सिंगल डॉक्टर के भरोसे हैं, दूसरी ओर 208 डॉक्टर बिना बताए अस्पतालों से लम्बे समय से अनुपस्थित हैं। चिकित्सा विभाग ने ऐसे डॉक्टरों की सूची सार्वजनिक की है।
सूची के अनुसार सर्वाधिक 13 अनुपस्थित डॉक्टर जयपुर द्वितीय के हैं। जयपुर द्वितीय में जयपुर शहर के कुछ हिस्से सहित जयपुर ग्रामीण इलाका आता है। भरतपुर, चूरू, पाली, भीलवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में 9-9 डॉक्टर अनपुस्थित हैं। विभाग ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्यों, अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को ऐसे डॉक्टरों को तत्काल नोटिस देने, अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है। माना जा रहा है कि सरकारी डॉक्टर का 'ठप्पा' लगवाकर इनमें से कई डॉक्टर निजी प्रेक्टिस कर रहे हैं।
कागजों में पद भरे, मौके पर डॉक्टर नहीं
जिन अस्पतालों में डॉक्टर अनुपस्थित हैं, उनके आसपास की आबादी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन अस्पतालों में कागजों में तो डॉक्टर पदस्थापित हैं लेकिन मरीजों के इलाज के लिए कुर्सी पर उपलब्ध नहीं हैं।
सूची जारी कर इतिश्री!
कई डॉक्टर लम्बे समय से अनुपस्थित हैं, इसकी जानकारी होने के बावजूद नियमित मॉनिटरिंग के लिए विभाग अब तक व्यवस्था नहीं कर पाया। विभाग साल में एक-दो बार सूची जारी कर या कुछ मामलों में नोटिस देकर इतिश्री करता आया है।
इन जिलों के इतने डॉक्टर
जयपुर द्वितीय : 13, भरतपुर : 9, चूरू : 9, पाली : 9, भीलवाड़ा : 9, डूंगरपुर : 9, उदयपुर : 8, नागौर : 8, करौली : 8, कोटा : 8, चित्तौडगढ़़ : 8, राजसमंद : 8, जालोर : 8, हनुमानगढ़ : 7, बाड़मेर : 7, अलवर : 6, श्रीगंगानगर : 6, जैसलमेर : 6, बीकानेर : 6, धोलपुर : 6, बारां : 5, टोंक : 5, बूंदी : 5, अजमेर : 4, जोधपुर : 4, जयपुर : 4, झुंझुनूं : 4, दौसा : 3, बांसवाड़ा : 3, सीकर : 3, सवाईमाधोपुर : 3, झालावाड़ : 2, मुख्यालय : 1, सिरोही : 1, जोधपुर जेआर : 1





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